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Shimla News: वन भूमि पर रहे लोगों को दें जमीन का मालिकाना हक
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गदर फ्रंट ने राज्यपाल से किया आग्रह
लावारिस कुत्तों के आतंक से राहत दिलाने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। गदर फ्रंट ने राज्यपाल कविंद्र गुप्ता से मुलाकात कर दो ज्ञापन सौंपे हैं। इन ज्ञापनों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अति पिछड़ा वर्ग के भूमिहीन परिवारों के लिए आवासीय अधिकार मांगे गए।
शहर में लावारिस कुत्तों का आतंक भी एक मुद्दा था। इससे आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई। फ्रंट के संयोजक रवि कुमार के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से मुलाकात की। पहले ज्ञापन में सरकारी और वन भूमि पर दशकों से रह रहे हजारों परिवारों को जमीन का वैध अधिकार देने पर जोर दिया गया। संगठन ने सरकार से इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए स्पष्ट नीति बनाने की मांग की। पात्र परिवारों को आवासीय भूमि का अधिकार देने की बात कही गई। इसमें केंद्र के वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत दावों के प्रभावी निस्तारण का भी उल्लेख था। राज्य सरकार से भी विशेष व्यवस्था बनाने की अपेक्षा की गई।
दूसरे ज्ञापन में संगठन ने शिमला में लावारिस कुत्तों के झुंडों से उत्पन्न खतरे को रेखांकित किया। हाल ही में एक बच्ची पर हुए हमले का भी जिक्र किया गया। रवि कुमार ने कहा यह नागरिकों की सुरक्षा और अधिकारों से जुड़ा सवाल है। उन्होंने शिमला के लोगों के लिए सुरक्षित वातावरण की आवश्यकता पर बल दिया। राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने प्रतिनिधिमंडल की बात ध्यानपूर्वक सुनी। उन्होंने ज्ञापनों में उठाई मांगों पर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। संवाद
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लावारिस कुत्तों के आतंक से राहत दिलाने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। गदर फ्रंट ने राज्यपाल कविंद्र गुप्ता से मुलाकात कर दो ज्ञापन सौंपे हैं। इन ज्ञापनों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अति पिछड़ा वर्ग के भूमिहीन परिवारों के लिए आवासीय अधिकार मांगे गए।
शहर में लावारिस कुत्तों का आतंक भी एक मुद्दा था। इससे आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई। फ्रंट के संयोजक रवि कुमार के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से मुलाकात की। पहले ज्ञापन में सरकारी और वन भूमि पर दशकों से रह रहे हजारों परिवारों को जमीन का वैध अधिकार देने पर जोर दिया गया। संगठन ने सरकार से इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए स्पष्ट नीति बनाने की मांग की। पात्र परिवारों को आवासीय भूमि का अधिकार देने की बात कही गई। इसमें केंद्र के वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत दावों के प्रभावी निस्तारण का भी उल्लेख था। राज्य सरकार से भी विशेष व्यवस्था बनाने की अपेक्षा की गई।
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दूसरे ज्ञापन में संगठन ने शिमला में लावारिस कुत्तों के झुंडों से उत्पन्न खतरे को रेखांकित किया। हाल ही में एक बच्ची पर हुए हमले का भी जिक्र किया गया। रवि कुमार ने कहा यह नागरिकों की सुरक्षा और अधिकारों से जुड़ा सवाल है। उन्होंने शिमला के लोगों के लिए सुरक्षित वातावरण की आवश्यकता पर बल दिया। राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने प्रतिनिधिमंडल की बात ध्यानपूर्वक सुनी। उन्होंने ज्ञापनों में उठाई मांगों पर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। संवाद
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