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Shimla News: ग्रामीण इलाकों को पेयजल और सड़कों की दी सौगात

Tue, 04 Nov 2025 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 04 Nov 2025 11:59 PM IST
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Gift of drinking water and roads given to rural areas
लोक निर्माण मंत्री ने लगाई घोषणाओं की झड़ी
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चनावग के हशकरधार में किसान सम्मेलन का शुभारंभ
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र की चनावग पंचायत के हशकरधार में मंगलवार को खंड स्तरीय किसान सम्मेलन हुआ। इसमें लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की।

मंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार ने चनावग पंचायत के विकास के लिए 18 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की है। हशकरधार में बंद हुए प्राथमिक स्कूल को दोबारा खोला है जिससे स्थानीय लोगों को राहत मिली है। वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चनावाग के मैदान की दीवार के लिए 20 लाख की राशि स्वीकृत की है। जल्द ही इसका काम शुरू होगा। जूड से खुराना संपर्क सड़क को लोक निर्माण विभाग की ओर से हैंडओवर कर निर्माण किया जाएगा। जुडला से हशकरधार के लिए प्राथमिकता के आधार पर सड़क बनाई जाएगी जिसका सर्वे एवं प्राक्कलन तैयार करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए। मंत्री ने कहा कि गलोग घंडल उठाऊ पेयजल योजना पर 3.20 करोड़ रुपये और बसंतपुर कलवी उठाऊ पेयजल योजना पर 4.75 करोड़ की राशि खर्च की जा रही है। क्षेत्र के लिए 3.19 करोड़ से निर्मित की जा रही सैंज मचराणा उठाऊ पेयजल योजना का 70 फीसदी कार्य पूरा कर लिया है। मंत्री ने चनावग से हरसंगधार संपर्क सड़क के लिए पांच लाख, धामरा डोरा से दुर्गापुर सड़क निर्माण के लिए दो लाख और हशकरधार में सामुदायिक भवन बनाने के लिए दो लाख देने की घोषणा की। इस मौके पर स्कूली बच्चों की ओर से सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दीं।
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प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दे रही सरकार : विक्रमादित्य
लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दे रही है। शिमला ग्रामीण विस क्षेत्र की 540 हेक्टेयर भूमि प्राकृतिक खेती के तहत शामिल की है। प्राकृतिक खेती प्रदेश में 2018 में शुरू की थी और 2018 से अब तक 2.22 लाख किसान प्राकृतिक खेती अपनाकर अपनी आर्थिकी सुदृढ़ कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को आधुनिक खेती अपनाने के लिए अब तक 5.50 करोड़ खर्च किए जा चुके हैं। इससे 35 हजार किसानों को लाभ मिला है। जिला शिमला में 50 कलस्टर क्रियाशील हैं जिसके तहत जिला में 3734 हेक्टेयर भूमि प्राकृतिक खेती के अधीन लाई है।
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