फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Geological Survey team will investigate the reason for the destruction in Shiv Bawadi.

Shimla News: शिवबावड़ी में हुई तबाही के कारण जांचेगी जियोलॉजिकल सर्वे की टीम

Tue, 12 Nov 2024 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 12 Nov 2024 11:59 PM IST
विज्ञापन
Geological Survey team will investigate the reason for the destruction in Shiv Bawadi.
दो महीने तक सर्वे करके भूस्खलन के कारणों और बचाव को लेकर तैयार की जाएगी रिपोर्ट, बीस लोगों की हो गई थी मौत
विज्ञापन

14 अगस्त 2023 को शिव बावड़ी में मची थी तबाही
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। समरहिल के शिव बावड़ी मंदिर में हुए भयानक हादसे के कारणों की जांच के लिए जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के विशेषज्ञों की टीम ने सर्वे शुरू कर दिया है। विशेषज्ञों की टीम कुछ दिन पहले ही शिमला पहुंची है और दो महीने तक सर्वे करके आपदा के कारणों की जांचकर इसकी रिपोर्ट सौंपेगी।
समरहिल के शिव बावड़ी मंदिर में 14 अगस्त 2023 को सुबह करीब 7:00 बजे हुए हादसे ने एक साथ 20 लोगों की जिंदगियां लील ली थीं। हादसा इतना भयावह था कि शवों की तलाश के लिए पुलिस को कई दिनों तक मशक्कत करनी पड़ी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ एडवांस स्टडीज की ओर से एक जलजला आया और अपने साथ 2 सड़कें, कालका शिमला रेलवे हेरिटेज मार्ग का पुल, शिव बावड़ी मंदिर तथा सावन के आखिरी सोमवार को दर्शन करने आए 20 लोगों को बहाकर ले गया। इसके अलावा विशेषज्ञों की टीम शिमला शहर के कई अन्य इलाकों में वर्ष 2023 में आपदा के दौरान हुए भूस्खलन के कारणों की जांच भी करेगी। इसमें कोमली बैंक क्षेत्र में हुए भारी भूस्खलन के कारणों की जांच भी विशेषज्ञों की टीम करेगी।
विज्ञापन



भूजल संग्रहण माना है तबाही की वजह
शिव बावड़ी मंदिर में हुई तबाही का कारण पहले शहरवासी बादल फटना मान रहे थे। इसके बाद हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (यूआईटी) समरहिल और वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) रुड़की के वैज्ञानिकों ने जांच में सामने आया है कि तबाही की वजह समरहिल में पहाड़ी के नीचे जमा पानी था। पहाड़ी के नीचे एकत्रित यह पानी शिव बावड़ी तक आता था। घटना के दिन भारी बारिश होने पहाड़ी के नीचे पानी का दबाव बढ़ा जोकि भूस्खलन का कारण बना। इससे पहले 13 अगस्त को समरहिल में 60 और 14 अगस्त को 160 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई थी। इतनी अधिक बारिश होने के कारण शिव बावड़ी में पानी के साथ 34 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से मलबा तबाही मचाते हुए मंदिर की ओर आया और सबकुछ अपने साथ बहाकर ले गया।
विज्ञापन
विज्ञापन




कोट
शिमला शहर में वर्ष 2023 में आई आपदा के कारणों की जांच के लिए जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया की टीम विस्तृत सर्वे रिपोर्ट तैयार करेगी। इसमें शिव बावड़ी में हुई तबाही समेत अन्य क्षेत्रों में हुए भूस्खलन के कारणों का पता लगाया जाएगा। विशेषज्ञों की टीम दो महीने तक इसको लेकर सर्वे करेगी।
-ज्योति राणा, एडीएम प्रोटोकॉल शिमला
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article