Protest Dharamshala: पारंपरिक वेशभूषा में सड़कों पर उतरकर गद्दी महिलाओं ने खोला मोर्चा
कोतवाली बाजार फव्वारा चौंक से उपायुक्त कार्यालय धर्मशाला तक रोष महारैली में उपजातियों के राज्य भर के लोगों ने पारंपरिक गद्दी वेशभूषा के साथ रैली में भाग लेकर उपायुक्त डॉ. निपुण जिंदल के माध्यम से प्रदेश सरकार को ज्ञापन सौंपा ।
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गद्दी समुदाय की छह उप-जातियों के समूह हिमालयन गद्दी यूनियन ने शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में आक्रोश रैली निकाली। इस दौरान कोतवाली बाजार फव्वारा चौंक से उपायुक्त कार्यालय धर्मशाला तक रोष महारैली में उपजातियों के राज्य भर के लोगों ने पारंपरिक गद्दी वेशभूषा के साथ रैली में भाग लेकर उपायुक्त डॉ. निपुण जिंदल के माध्यम से प्रदेश सरकार को ज्ञापन सौंपा । यूनियन के अध्यक्ष मोहिंद्र सिंह ने कहा कि पिछले साढ़े चार वर्षों में यूनियन की ओर से सीएम से मांग उठाए जाने पर जांच करवाई गई। इस पर डीसी की ओर से गद्दी शब्द जुड़ना सही पाया गया है।
इसके बाद प्रदेश सरकार और सीएम जयराम ठाकुर की ओर से दो वर्ष पहले से लगातार इस मामले की तीन बार राजस्व जांच भी करवाई गई है, जिसमें भी गद्दी शब्द से जोड़ना उचित पाया गया है, बावजूद इसके लगातार अधिसूचना में देरी पर यूनियन के पदाधिकारियों ने बड़े सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि चंबा के भरमौर में उक्त छह उपजातियों के कुछ लोगों के साथ भी गद्दी शब्द जुड़ा है, लेकिन छह उपजातियां ऐसी है, जिनके आगे राजस्व अभिलेख में गद्दी शब्द किन्हीं कारणों से छूट गया है, यह उपजातियां बाड़ी, हाली, सिप्पी, ढोगरी, रेहाड़े और लोहार हैं। उन्होंने कहा कि मांगों को लेकर जल्द से जल्द उचित कदम नहीं उठाया जाता है, तो धरना-प्रदर्शन के साथ सरकार का घेराव किया जाएगा।