फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   G20 Summit: To deal with climate change, sources like hydrogen and ethanol will have to be adopted.

G20 Summit: जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए अपनाने होंगे हाइड्रोजन व इथेनॉल जैसे स्रोत

Wed, 19 Apr 2023 09:34 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, धर्मशाला
अमर उजाला ब्यूरो, धर्मशाला Published by: Krishan Singh Updated Wed, 19 Apr 2023 09:34 PM IST
सार

सदस्य देशों ने बुधवार को धर्मशाला में आयोजित ऊर्जा परिवर्तन के लिए ईको-इनोवेशन पर जी-20 रिसर्च इनोवेशन एंड इनिशिएटिव गैदरिंग (आरआईआईजी) सम्मेलन के दौरान अगले 10 वर्षों में होने वाले तकनीकी नवाचारों को साझा करने पर भी सहमति व्यक्त की।

विज्ञापन
G20 Summit: To deal with climate change, sources like hydrogen and ethanol will have to be adopted.
सदस्य देशों के प्रतिनिधि। - फोटो : संवाद

विस्तार

जी 20 राष्ट्रों ने एक स्वर में जीवाश्म ईंधन की खपत में कटौती करके ग्लोबल वार्मिंग से लड़ने और हाइड्रोजन और इथेनॉल जैसे नए ऊर्जा स्रोतों की ओर बढ़ने का संकल्प लिया है। सदस्य देशों ने बुधवार को धर्मशाला में आयोजित ऊर्जा परिवर्तन के लिए ईको-इनोवेशन पर जी-20 रिसर्च इनोवेशन एंड इनिशिएटिव गैदरिंग (आरआईआईजी) सम्मेलन के दौरान अगले 10 वर्षों में होने वाले तकनीकी नवाचारों को साझा करने पर भी सहमति व्यक्त की, जो जैव-ईंधन की ओर बढ़ने में सहायक होगी। बैठक में स्मार्ट एनर्जी ट्रांसफॉरमेशन पर दुनिया भर के विशेषज्ञों ने विस्तृत चर्चा की।

विज्ञापन


रिसर्च एंड आरआईआईजी के अध्यक्ष एवं केंद्रीय विज्ञान एवं तकनीकी विभाग के सचिव डॉ. श्रीवारी चंद्रशेखर ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि हम मानवीय अस्तित्व के एक ऐसे दौर से गुजर रहे हैं, जहां जीवाश्म आधारित ईंधन के उपभोग को प्राथमिकता के आधार पर छोड़ना होगा। ऊर्जा के नवीकरणीय स्रोतों में हमारी सभी ऊर्जा संबंधित जरूरतें पूरा करने की पर्याप्त क्षमता है। उस विशाल भंडार में से जरूरत के अनुसार ऊर्जा उपयोग में लाने के लिए सार्थक दखल, उसे उपयोग की स्थिति में लाने के लिए उसके रूपांतरण और फिर उसके संग्रहण के लिए बड़े पैमाने पर हम सभी को मिलकर प्रयास करने की जरूरत है।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: G20 summit: धर्मशाला में विदेशी मेहमानों को खूब भाए हिमाचली उत्पाद
विज्ञापन
विज्ञापन


डॉ. चंद्रशेखर ने कहा कि जलवायु परिवर्तन की गंभीर होती समस्या के प्रति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संजीदा हैं। इससे निपटने के लिए वह भारत में निरंतर क्लीन एनर्जी को बढ़ावा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि बैठक में तय किया गया है कि आने वाले पांच-दस वर्षों के लिए सभी सदस्य देश एवं अन्य हितधारक मिलकर हाइड्रोजन जैसे क्लीन एनर्जी के विकल्पों को बढ़ावा देंगे। इसके लिए रिसर्च एंड डेवेलपमेंट को बढ़ावा देने के साथ-साथ तकनीकी को साझा करने के लिए सहयोग करेंगे। विवेकानंद अंतरराष्ट्रीय फाउंडेशन के प्रतिनिधि डीपी श्रीवास्तव ने बैठक में ‘इंडियाज एनर्जी ट्रांजिशन इन अ कार्बन-कंस्ट्रेंड वर्ल्ड’ विषय पर वक्तव्य रखा।


20 देशों के प्रतिनिधियों ने लिया भाग
बैठक में दुनिया भर के 20 देशों के प्रतिनिधियों, भारत के तीस विषय विशेषज्ञों सहित निमंत्रित सदस्यों ने भाग लिया। भाग लेने वालों में संयुक्त राज्य अमेरिका, रूस, फ्रांस, यूनाइटेड किंगडम, इंडोनेशिया, तुर्किये, सऊदी अरब, सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात, नीदरलैंड, स्पेन, यूरोपीय संघ और अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (आईएसए) के प्रतिनिधि शामिल हैं।

दीव में होगी आरआईआईजी की अगली बैठक
आरआईआईजी की अगली बैठक दीव में होगी। बैठक का विषय धारणीय नीली अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में वैज्ञानिक चुनौतियां और संभावनाएं होगा। 5 जुलाई को मुंबई में आरआईआईजी सम्मेलन और रिसर्च मिनिस्टर्ज की बैठक के साथ ही आरआईआईजी की बैठकों का दौर संपन्न होगा। बता दें कि आरआईआईजी जी20 फोरम की एक नई पहल है, जिसकी शुरुआत 2022 में इंडोनेशियाई प्रेसीडेंसी के दौरान हुई थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed