टीबी की तरह अब मलेरिया के मरीज का होगा मुफ्त इलाज
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देश के किसी भी सरकारी स्वास्थ्य संस्थान में अब मलेरिया मरीज का मुफ्त इलाज होगा। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की पहल पर स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी प्रदेशों के स्वास्थ्य विभागों को मलेरिया मरीजों की नि:शुल्क जांच करने की हिदायत दी है। टीबी रोग की तर्ज पर मलेरिया के खात्मे के लिए यह योजना बनाई गई है।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने देश को मलेरिया मुक्त बनाने के लिए 2030 का लक्ष्य रखा है। जिसके तहत इसी वर्ष से मलेरिया मरीजों को मुफ्त निदान व उपचार करने की सुविधा देने की योजना बनाई है। वर्ष 1953 में केंद्र सरकार की ओर से राष्ट्रीय मलेरिया नियंत्रण कार्यक्रम (एनएमसीपी) शुरू किया गया।
इसके बावजूद देश इस बीमारी से अभी भी जूझ रहा है। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक दक्षिण पूर्व एशिया के कुल मलेरिया मामलों में 77 प्रतिशत के आसपास के मामले भारत में ही आते हैं। जिसमें सबसे ज्यादा गुजरात, कर्नाटक, राजस्थान, गोवा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा और पूर्वोत्तर के प्रदेश शामिल हैं।
इसके अलावा अन्य प्रदेशों में भी मलेरिया के मामले आते हैं, लेकिन उसकी संख्या कम रहती है। जिला स्वास्थ्य अधिकारी राजेश गुलेरी ने कहा कि राष्ट्रीय मलेरिया नियंत्रण कार्यक्रम में मरीजों को निशुल्क उपचार करने की निर्देश मिले हैं। इस कार्यक्रम को पूरे जिले में लागू किया जाएगा। मलेरिया रोग के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए भी विशेष अभियान चलाया जाएगा।