शर्मनाक! महिला अस्पताल में मरीजों को लूट रहे ये डॉक्टर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केएनएच में गर्भवती महिलाओं के साथ बड़ा खेल हो रहा है। निशुल्क टेस्ट लैब की जगह इन्हें प्राइवेट लैब में टेस्ट करवाने की सलाह दी जा रही है। फ्री का टेस्ट 2500 रुपये में पड़ रहा है।
राज्य सरकार की ओर से गर्भवती महिलाओं के लिए मुफ्त टेस्ट सुविधा दी गई है। महिलाओं को कोई दिक्कत न हो इसके लिए अस्पताल में एसआरएल लैब भी खोल दी गई है। यहां हर तरह के टेस्ट होते हैं और महिला मरीजों से कोई टेस्ट फीस नहीं ली जाती।
सरकार इसका भुगतान करती है। सरकार के इस कदम के बाद निजी लैबों के साथ चल रही साठ गांठ पर अंकुश लगाने का दावा किया जा रहा था। इसकी जमीनी हकीकत जानने के लिए जब ‘अमर उजाला’ ने तहकीकात की तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।
डॉक्टर ने ऐसे रचा कमीशन का खेल
गर्भवती महिला स्वास्थ्य जांच के लिए कमला नेहरू अस्पताल पहुंची। ओपीडी में जांच के बाद डाक्टर ने महिला को टेस्ट करवाने को कहा।
महिला टेस्ट करवाने के लिए अस्पताल में मौजूद एसआरएल लैब पहुंची। इसी दौरान डाक्टर भी वहां पहुंच गया उसने कहा कि यहां टेस्ट मत करवाओ। एक परची पर निजी लैब का नाम लिखा और साथ ही अपना मोबाइल नंबर भी। परची थमा कर डाक्टर चला गया।
गर्भवती महिला अस्पताल के समीप ही डाक्टर की बताई गई निजी लैब में पहुंच गई। टेस्ट के बाद उसे 2500 सौ का बिल थमा दिया। भुगतान करने के बाद महिला ने डाक्टर को रिपोर्ट दिखाई। यही टेस्ट महिला के एसआरएल लैब में निशुल्क होने थे।
हर टेस्ट पर डॉक्टर कमा रहे 40 फीसदी कमीशन
अस्पताल के सूत्र बताते हैं कि कुछ डाक्टरों का निजी लैब चलाने वाले संचालकों के साथ गठजोड़ रहता है। सरकार से हर माह मोटी तनख्वाह पाने वाले डाक्टर मरीजों को अस्पताल की टेस्ट लैब की जगह निजी लैब में भेज देते हैं।
प्रत्येक टेस्ट पर डाक्टर का कमीशन 25 से 40 फीसदी तक रहता है। मरीज के पास डाक्टर की सलाह मानने के अलावा दूसरा कोई चारा नहीं रहता।
उधर, अस्पताल की स्त्री रोग विभागाध्यक्ष डा संतोष मिन्हास का कहना है कि हमारे पास किसी मरीज ने कोई शिकायत नहीं की है। अगर कोई डाक्टर मरीज के साथ ऐसा कर रहा है तो मरीज उन्हें लिखित में शिकायत करें इस पर तुरंत कार्रवाई करेंगे।
स्वास्थ्य मंत्री ठाकुर कौल सिंह ने कहा कि इस मामले की पूरी रिपोर्ट अस्पताल प्रबंधन से ली जाएगी। गर्भवती महिलाओं के लिए सारे टेस्ट सरकारी अस्पतालों में बिल्कुल मुफ्त हैं। इसकी जांच होगी और आरोपी डाक्टर को बख्शा नहीं जाएगा।