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धोखाधड़ी मामला: कर्मचारी को कंपनी का डायरेक्टर दर्शा उद्योग के नाम करवाई जमीन, आरोपी विदेश फरार

Thu, 11 Dec 2025 12:11 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना।
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना। Published by: Krishan Singh Updated Thu, 11 Dec 2025 12:11 PM IST
सार

 शिकायतकर्ता कर्मचारी को दस्तावेजों में कंपनी का डायरेक्टर दर्शाया गया है और जमीन की रजिस्ट्री करवाई गई है।

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Fraud: The accused, who falsely presented an employee as a company director
धोखाधड़ी - फोटो : सांकेतिक तस्वीर

विस्तार

टाहलीवाल थाना क्षेत्र में उद्योग स्थापित करने के नाम पर भूमि की रजिस्ट्री के बहुचर्चित मामले को नालागढ़ से टाहलीवाल थाने में शिफ्ट किया है। शिकायतकर्ता कर्मचारी को दस्तावेजों में कंपनी का डायरेक्टर दर्शाया गया है और जमीन की रजिस्ट्री करवाई गई है। कंपनी की करीब 100 करोड़ की देनदारियां अभी बाकी हैं। इससे शिकायतकर्ता परेशान है। पुलिस थाना नालागढ़ में दर्ज पुराने मामले की जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि घटनास्थल ऊना जिले के गोंदपुर जयचंद में पड़ता है। इसके बाद पूरा मामला टाहलीवाल थाना को स्थानांतरित कर दिया गया। जहां अब पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। डीएसपी हरोली अजय ठाकुर ने बताया कि मामला 2022 का है। प्रारंभिक जांच में धोखाधड़ी के आरोप सही पाए गए हैं और मामले की तफ्तीश जारी है। आरोपी विदेश फरार हो गया है।

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कंपनी की संपत्तियां सीज कर दी गई हैं। उसे दीवालिया घोषित किया जा चुका है। शिकायतकर्ता हरवंस लाल निवासी दत्तोवाल (तहसील नालागढ़) ने आरोप लगाया है कि नालागढ़ सिग्मा सीमेंट कंपनी के तत्कालीन एमडी दिनेश सोइन पुत्र बिलायती राम, निवासी हाउस नंबर 396 सिविल लाइन लुधियाना (पंजाब) ने साजिश के तहत उनके साथ धोखाधड़ी की। शिकायत के अनुसार वर्ष 1992 में वह सीमेंट कंपनी नालागढ़ में स्टोरमैन के पद पर नियुक्त हुए थे। वर्ष 2007 में कंपनी ने अपना कार्य बंद कर दिया। 2008 में एमडी ने उन्हें बताया कि वह ऊना जिले के गोंदपुर में सावर पेपर मिल स्थापित करने जा रहे हैं। इस दौरान कंपनी ने लगभग 50 एकड़ भूमि खरीदने की प्रक्रिया शुरू की, लेकिन धारा 118 की अनुमति न होने से प्रस्ताव रखा कि पूरी भूमि की रजिस्ट्री शिकायतकर्ता के नाम पर कराई जाए। शिकायतकर्ता के अनुसार उन्हें यह विश्वास दिलाया गया था कि अनुमति मिलते ही जमीन कंपनी के नाम हस्तांतरित कर दी जाएगी।

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नालागढ़ में दर्ज एफआईआर टाहलीवाल थाना भेजी
हरवंस लाल ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि वर्ष 2013 के बाद जब उन्होंने कंपनी जाना बंद किया तो बाद में पता चला कि आरोपी एमडी कंपनी छोड़कर भाग गया है। इतना ही नहीं कंपनी के रिकॉर्ड में उन्हें डायरेक्टर के रूप में दिखाया गया है, जबकि उन्होंने कभी किसी बैठक में भाग नहीं लिया और न ही डायरेक्टर के रूप में कोई वेतन लिया। उनका कहना है कि यह सब उनकी जानकारी और सहमति के बिना किया गया, जिससे उन्हें आर्थिक और कानूनी दोनों तरह की हानि हो रही है। उन्होंने इसे स्पष्ट रूप से धोखाधड़ी और विश्वासघात करार दिया है। इस संबंध में पहले नालागढ़ थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी, लेकिन जांच के दौरान यह पाया गया कि घटनास्थल गोंदपुर जयचंद थाना टाहलीवाल में आता है। इसलिए इसको टाहलीवाल थाना को भेज दिया गया है, जहां अब आगे की जांच जारी है।
 

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