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Una News: मोहाली में मकान बनाने के नाम पर 2.72 करोड़ रुपये की ठगी, पुलिस ने दर्ज किया केस

Thu, 29 Feb 2024 07:37 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना Published by: Krishan Singh Updated Thu, 29 Feb 2024 07:37 PM IST
सार

पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर एक ही परिवार के चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 

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Fraud of Rs 2.72 crore in the name of building a house in Mohali, police registered a case
ठगी(सांकेतिक) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

 पंजाब के मोहाली में रिहायशी मकान बनाने के नाम पर गगरेट निवासी एक व्यक्ति के साथ करीब 2.72 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की गई। आरोपियों ने इस वारदात को एक निर्माण कंपनी के झूठे प्रतिनिधि बनकर अंजाम दिया। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर एक ही परिवार के चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपियों की पहचान गौरव नायर, उसकी पत्नी इदा नायर, गौरव के पिता राजेश नायर और उसकी पत्नी कविता नायर निवासी सेक्टर-67 जलवायु विहार होमलैंड माल मोहाली पंजाब के तौर पर हुई है।

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जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता, अजय कुमार निवासी गगरेट तहसील घनारी जिला ऊना ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसके पंजाब के मोहाली में चार प्लॉट हैं। उन्होंने कहा कि वह खाली प्लाट में रिहायशी मकान बनाना चाहते थे। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि आरोपी गौरव ने उसके साथ संपर्क किया और कहा कि उनकी एक निर्माण कंपनी है और वे उनके खाली प्लाट में रिहायशी मकान बनाना चाहते हैं। इसके लिए आरोपी ने करीब 1.88 करोड़ रुपये खर्च आने की बात की। शिकायतकर्ता अजय ने कहा कि वह आरोपी के ऑफर पर सहमत हो गया।

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जिसके बाद उसकी ऊना जिला के जीतपुर बेहड़ी में स्थित एक फैक्ट्री में आरोपियों के साथ समझौता हो गया। इस दौरान उसने आरोपियों पर भरोसा कर उसके साथ करार के तहत कार्य पूरा करने के लिए कहा। शिकायतकर्ता ने कहा आरोपी गौरव और उसकी पत्नी इदा नौ नवंबर 2019 को दोबारा उसकी फैक्ट्री आए और दो तरफ के करार अपने साथ लाए। आरोपी गौरव ने खुद को निर्माण कंपनी का पार्टनर बताया।

इस दौरान उनके बीच समझौता हुआ कि 120 दिन के भीतर सारा निर्माण कार्य पूरा करना होगा। दोनों पक्षों में इसपर सहमति भी बन गई। यह भी तय हुआ की निर्माण कंपनी हर 15 दिन में अपने बिल भुगतान के लिए भेजेगी। शिकायतकर्ता ने कहा कि आरोपियों से उससे रिहायशी घर के निर्माण के नाम पर करीब 2.72 करोड़ रुपये की भारी राशि ली। जिसका भुगतान उसने बैंक के जरिए किया। उन्होंने कहा कि इतनी भारी राशि लेने के बावजूद आरोपियों ने उसका रिहायशी मकान तैयार नहीं किया।

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शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि जब उसने सख्ती से पेश आकर आरोपियों ने इसका कारण पूछा को सामने आया कि आरोपी गौरव बताई गई निर्माण कंपनी का पार्टनर नहीं है। वहीं पड़ताल करने पर सामने आया कि आरोपी का पिता और माता कंस्ट्रक्शन कंपनी के पार्टनर हैं। शिकायतकर्ता ने कहा कि सभी आरोपियों ने मिलीभगत से इस धोखाधड़ी को अंजाम दिया है। डीएसपी अंब वसुधा सूद ने बताया कि मामले की जांच जारी है। जल्द आरोपियों से पूछताछ कर जांच को आगे बढ़ाया जाएगा।

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