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नई गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन को लेकर शिमला में चल रहा फरेब का गोरखधंधा

Wed, 27 Apr 2016 12:06 AM IST
रामेश्वरी ठाकुर/अमर उजाला, शिमला
रामेश्वरी ठाकुर/अमर उजाला, शिमला Updated Wed, 27 Apr 2016 12:06 AM IST
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fraud in registration of new vehicles in shimla city.
सरकार के सख्त नियम भी गाड़ी के शौकीनों के हौसले पस्त नहीं कर पा रहे हैं। - फोटो : अमर उजाला

सरकार के सख्त नियम भी गाड़ी के शौकीनों के हौसले पस्त नहीं कर पा रहे हैं। यही वजह है कि अकेले शिमला की बात करें तो पार्किंग की शर्त के बावजूद यहां हर दिन औसतन 6 नई गाड़ियों की खरीद हो रही है। शिमला शहर में बढ़ते ट्रैफिक को काबू में करने के लिए सरकार ने गाड़ियों की रजिस्ट्रेशन पर अंकुश लगाने के माध्यम से पार्किंग सुविधा होना जरूरी बताया है।

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बावजूद इसके शिमला में गाड़ियों की खरीद कम नहीं हो रही है। शिमला शहर में गाड़ियों की संख्या के आगे पार्किंग छोटी पड़ रही है। मजबूरन लोगों को अपनी गाड़ियां सड़क के किनारे खड़ी करनी पड़ रही हैं। ऐसे में आए दिन गाड़ी चोरी होने या फिर शीशे टूटने के मामले सामने आ रहे हैं। सरकार व प्रशासन पर ऐसी घटनाएं होने के बाद यह दबाव रहता है कि आम जनता को सुरक्षित पार्किंग उपलब्ध करवाएं।
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इन सब घटनाओं को देखते हुए सरकार ने यह फैसला लिया है कि जिस व्यक्ति के पास गाड़ी खड़ी करने के लिए पर्याप्त जगह है, वही व्यक्ति ही गाड़ी खरीद पाएगा। बावजूद इसके गाड़ियों के शौकीनों ने इसका भी तोड़ निकाल दिया है। अगर इनके मकान में पार्किंग की जगह नहीं है तो वह किसी भी वैध पार्किंग से रसीद कटवाकर अपनी गाड़ी को वहां पार्क करने का दावा करते हैं।
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मात्र रसीद और गाड़ी की फोटो देखकर ही उसे पुलिस की वेरिफिकेशन के बाद रजिस्ट्रेशन करने की अनुमति दे दी जाती है। वहीं जिसका जुगाड़ पार्किंग रसीद का नहीं हो पाता, वह अपने गांव का पता देकर शिमला उपमंडलाधिकारी कार्यालय शिमला ग्रामीण में आकर आराम से रजिस्ट्रेशन करवा लेता है। यही वजह है कि शिमला शहरी की अपेक्षा शिमला ग्रामीण विभाग में कहीं ज्यादा गाड़ियों की रजिस्ट्रेशन हुई है।


रजिस्ट्रेशन करवाने की प्रक्रिया
-खरीदी गई गाड़ी के लिए संबंधित थाना प्रभारी से वैध पार्किंग स्पेस की मंजूरी
-उपमंडलाधिकारी कार्यालय से जारी रेजिस्ट्रेशन फार्म नं. 20 के साथ खरीदी गई गाड़ी के ऑरिजनल पेपर
-रेजिडेंस प्रूफ
- विभाग की ओर से जारी किया गया पार्किंग सर्टिफिकेट
- जमा की जाने वाली फीस
 
दोपहिया वाहन के लिए गाड़ी की खरीद का 4 प्रतिशत रजिस्ट्रेशन फीस के तौर पर देय होगा। वहीं अगर खरीदी गई गाड़ी का इंजन 1000 सीसी से ज्यादा होगा तो 3 प्रतिशत और कम होगा तो 2 प्रतिशत की दर से फीस वसूली जाएगी। उपमंडलाधिकारी शिमला शहरी हेमिस नेगी ने बताया कि नई गाड़ियों की रजिस्ट्रेशन को लेकर प्रदेश सरकार की ओर से आए निर्देशों की अनुपालना की जा रही है।

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