पंचायत में फर्जीवाड़ा, गरीब बन सरकार को चूना लगा गए कर्मचारी
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शिक्षक, फौजी, लोक निर्माण विभाग और वन विभाग समेत कई सरकारी महकमों के कर्मचारी गरीब बनकर सरकार को चूना लगा गए। शिलाई की दो पंचायतों कोटीभौंच और जखांडो में जांच के बाद यह खुलासा हुआ है। जांच में जखांडो में 39 और कोटीभौंच में 40 ऐसे परिवार बीपीएल सूची में शामिल पाए गए, जिनकी सालाना आय पांच लाख से भी ज्यादा है।
ये परिवार सालों से सरकारी नौकरियों में आरक्षण, दो रुपये किलो गेहूं, तीन रुपये किलो चावल, आवास सुविधा और सौर लाइटें लगवाने जैसी कई योजनाओं में सरकार को चूना लगा रहे थे। जांच के बाद इन परिवारों को बीपीएल सूची से हटा दिया गया है। बता दें कि शिकायत मिलने के बाद एसडीएम शिलाई ने जांच के लिए दो टीमें गठित की थीं।
शिक्षक, फौजी, लोनिवि, वन विभाग समेत कई सरकारी कर्मी सूची में पाए गए शामिल
कोटीभौंच पंचायत की जांच नायब तहसीलदार रसाल सिंह जबकि जखांडो की जांच तहसील कल्याण अधिकारी सुरेंद्र को सौंपी गई। दोनों टीमों ने चल-अचल संपत्ति के साथ ही विभिन्न माध्यमों से प्राप्त होने वाली आय का आंकलन करने के साथ बीपीएल सूची में दर्ज परिवारों के रहन-सहन का भी आंकलन किया।
इसके बाद जो रिपोर्ट एसडीएम शिलाई को सौंपी। रिपोर्ट के अनुसार बीपीएल सूची में दर्ज कई लोग सरकारी नौकरी में हैं। कोई शिक्षक है तो कोई फौजी। लिहाजा, उपमंडलाधिकारी (ना.) विकास शुक्ला ने कमेटी द्वारा सूची से हटाने के लिए जिन परिवारों की सिफारिश की
थी, उन्हें हटा दिया गया। एसडीएम ने इसकी पुष्टि की है। एसडीएम विकास शुक्ला ने बताया कि अब इन पंचायतों में नए सिरे से ग्रामसभाएं होंगी। बैठक में नए सिरे से बीपीएल सूची का चयन किया जाएगा। इसके लिए पूरी प्रक्रिया अपनाई जाएगी।