आईजीएमसी शिमला: स्क्रब टायफस पर विभाग सतर्क, चार नए मरीज आए
बीमारी से बचाव के लिए चिकित्सक ओपीडी में उपचार के बाद डॉक्सीसाइकिलन की दवा दे रहे हैं।
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स्क्रब टायफस को लेकर आईजीएमसी सतर्क हो गया है। विभाग द्वारा 84 सैंपल की जांच में से 4 की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। आईजीएमसी के एमएस डॉ. जनकराज ने इस बात की पुष्टि की है। अमर उजाला ने सोमवार (26 जुलाई) के अंक में स्क्रब टायफस की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। बरसात के मौसम में बीमारी ने दस्तक देना शुरू कर दी है।
अस्पताल की ओपीडी में मरीज बुखार की समस्या को लेकर आ रहे है। बीमारी से बचाव के लिए चिकित्सक ओपीडी में उपचार के बाद डॉक्सीसाइकिलन की दवा भी दे रहे हैं। हालांकि उन्हें मरीज की हालत संदिग्ध लग रही है तो वह बीमारी की पुष्टि के लिए स्क्रब टायफस का टेस्ट भी करवा रहे हैं।
#HimachalPradesh | "Four persons tested positive for Scrub Typhus at IGMC Shimla," says Dr Janak Raj, Medical Superintendent, Indira Gandhi Medical College & Hospital, Shimla
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Scrub Typhus is spread to people through bites of infected chiggers (larval mites) pic.twitter.com/UgQymH3Lxe
— ANI (@ANI) July 27, 2021
ये हैं लक्षण
तेज बुखार
100 से 102 डिग्री तक जा सकता है
जोड़ों में दर्द और कंपकंपी के साथ बुखार आना
शरीर में अकड़न या शरीर टूटा हुआ लगना
अधिक संक्रमण में गर्दन, बाजू के नीचे, कूल्हों के ऊपर गिल्टियां होना
शरीर की सफाई का ध्यान रखें
घर के चारों ओर घास, खरपतवार नहीं उगने दें
घर और आसपास कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करें
घर और आसपास के वातावरण को साफ रखें
ऐसे होता है स्क्रब टायफस
यह रोग एक जीवाणु रिकेटशिया से संक्रमित पिस्सू (माइट) के काटने से फैलता है। यह खेतों, झाड़ियों और घास में रहने वाले चूहों में पनपता है। यह जीवाणु चमड़ी के माध्यम से शरीर में प्रवेश करता है और स्क्रब टायफस बुखार पैदा करता है।