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मनरेगा को लेकर धूमल ने सरकार पर साधा निशाना
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Thu, 04 Feb 2016 12:05 AM IST
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पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने कहा कि मनरेगा के बेहतर योजना होते हुए भी सरकार इसका उपयोग करने में नाकाम रही है। रोजगार के लिए निर्धारित लक्ष्य पूरा न होना, समय पर श्रमिकों को दिहाड़ी न मिलना और मनरेगा में कार्यरत श्रमिकों का पारिश्रमिक न बढ़ाया जाना सरकार की मनरेगा में असफलता को दर्शाता है।
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कहा कि मोदी सरकार ने मनरेगा में 34,900 करोड़ का प्रावधान किया है। यह पूर्व यूपीए सरकार की तुलना में 900 करोड़ अधिक है। राज्यों की मांग पर दिहाड़ी बढ़ाने तथा अन्य विकास कार्यों पर 5000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान करने का आश्वासन दिया था, लेकिन प्रदेश सरकार मनरेगा श्रमिकों का वेतन बढ़ाने को कोई प्रस्ताव केंद्र के समक्ष नहीं रख पाई है।
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वर्तमान में हरियाणा में मनरेगा श्रमिक प्रतिदिन 251 रुपये, पंजाब में 210 चंडीगढ़ में 239 रुपये ले रहे हैं। प्रदेश में मात्र 162 रुपये दिहाड़ी मिल रही है। सरकार को इनकी दिहाड़ी 200 रुपये करनी चाहिए। कहा कि मनरेगा में 100 दिन तक कार्य दिवस देने में भी सरकार का ट्रैक रिकॉर्ड खराब है।
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हैरानी की बात है कि इस वर्ष 75 प्रतिशत से अधिक जॉब कार्ड धारकों को 100 दिन का रोजगार नहीं मिला है। समय पर पारिश्रमिक न मिलना विभागीय लापरवाही ही कही जाएगी। केंद्रीय सहायता समय पर न मिलने का कारण अधिकारियों की लापरवाही का परिणाम है। इसकी मुख्य वजह नाकारा नेतृत्व है।