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गांवों से इंडस्ट्री तक फैला है वन माफिया का नेटवर्क

Mon, 12 Jun 2017 03:02 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Mon, 12 Jun 2017 03:02 PM IST
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forest mafia in himachal

जंगलों में अवैध कटान का गोरखधंधा गांवों से शहर में लकड़ी का सामान बनाने वाली इंडस्ट्री तक फैला है। निर्माणाधीन भवनों में इमारती लकड़ी की मांग पूरी करने के लिए बिचौलियों ने शहरी क्षेत्रों में अपना जाल बिछाया हुआ है। पेड़ कटान से लेकर, सप्लायर और लकड़ी का सौदा करके ठिकाने लगाने का काम तीन चरणों में बांटा गया है। 

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निहत्थे फॉरेस्ट गार्डों और एक बीट क्षेत्र का लंबा चौड़ा क्षेत्रफल होने का माफिया खूब फायदा उठाता है। रात के अंधेरे में पेड़ काटकर उन्हें जंगल में ही छिपा दिया जाता है। बाद में कटे पेड़ों को जंगल से बाहर निकालने का काम दूसरे गिरोह के पास जाता है। सप्लाई पहुंचाने का काम किसी अन्य गिरोह के पास रहता है।
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आरा मशीनों और टीडी पर मिलने वाली लकड़ी का तरीका भी शातिर काम में ला रहे हैं। माफिया जानता है कि रात के अंधेरे में फॉरेस्ट गार्ड उन्हें दबोचने या कार्रवाई की कोशिश करता है तो निहत्थे कुछ नहीं कर सकता। लिहाजा, कुछ फॉरेस्ट गार्ड रात को
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जोखिम नहीं लेते और कुछ माफिया के चक्रव्यूह में फंस जाते हैं। युवा फॉरेस्ट गार्ड होशियार सिंह के कुछ साथियों समेत वन रक्षकों ने नाम न बताने की शर्त पर कुछ ऐसे ही चौंका देने वाले दावे किए हैं, जिसमें टीडी की लकड़ी से आरा मशीनों तक की भूमिका भी संदेह में हैं। 

हत्या में बीओ संदिग्ध, पुलिस कर रही पूछताछ
होशियार सिंह हत्याकांड मामले में बीओ को पुलिस हिरासत में लिया जाना वन विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाता है। हाल ही में कटौला में हुआ अवैध कटान भी अफसरों की मिलीभगत के संदेह को पुष्ट करता है। यहां वन विभाग के कर्मचारी ही विभागीय जांच के दायरे में हैं। 

फॉरेस्ट गार्डों में आक्रोश
वन विभाग कर्मचारी महासंघ मंडी के प्रधान प्रदीप कुमार ने कहा कि सीएफ को करीब बीस दिन पहले भी मांग पत्र सौंपा है। इसमें फॉरेस्ट गार्डों को असलाह और अन्य सुरक्षा उपकरण मुहैया करवाने की मांग की गई है। उन्होंने कहा कि इस घटना से फॉरेस्ट गार्डों में आक्रोश है।  

विरप्पन की तरह सक्रिय है माफिया
कुठेहड़ पंचायत के प्रधान मेहर चंद (संबंधित बीट), महोग के प्रधान रूपलाल ठाकुर, भडारणु पंचायत के उप प्रधान हीरालाल गौतम ने सरकार से निष्पक्ष जांच की मांग की है ताकि होशियार सिंह के परिजनों को न्याय मिल सके।

इस इलाके में होशियार की निर्मम हत्या करने वालों को विरप्पन का नाम दिया जा रहा है। लोगों ने सवाल उठाए हैं कि जो अपने कर्तव्य को ईमानदारी से निभाएगा, क्या उसे इसी तरह पेड़ पर टांग कर मार दिया जाएगा।  

करसोग संवेदनशील, बार-बार पकड़ी अवैध लकड़ी
वन परिक्षेत्र करसोग में वन विभाग की टीम ने चार मर्तबा अवैध रूप से लकड़ी की खेप पकड़ी है। कई बार निहत्थे वन कर्मियों को वन माफिया का सामना करना पड़ता है। होशियार सिंह की हत्या के बाद विभाग के गार्ड काफी सहमे हुए हैं।

पुलिस और वन विभाग करेंगे कार्रवाई
डीसी मंडी संदीप कदम ने कहा कि यह मामला पुलिस जांच से संबंधित है। इसमें प्रशासन को अलग से जांच कमेटी बनाने की आवश्यकता नहीं। वन विभाग अपने स्तर और पुलिस विभाग अपने स्तर पर कार्रवाई करेगा। 


अरण्यपाल उपासना पटियाल ने कहा कि वन विभाग अपने स्तर पर हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच करेगा। यदि इसमें कोई दोषी पाया जाता है तो उस पर नियमानुसार कार्रवाई होगी।

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