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Una Himachal: वनरक्षक राजेश को राजकीय सम्मान से दी अंतिम विदाई,वन मंत्री बोले-शहीद का दर्जा दिलाएंगे

Wed, 25 May 2022 08:21 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, नारी (ऊना)
संवाद न्यूज एजेंसी, नारी (ऊना) Published by: Krishan Singh Updated Wed, 25 May 2022 08:21 PM IST
सार

वनरक्षक राजेश कुमार का अंतिम संस्कार मंगलवार को उनके पैतृक बदोली स्थित श्मशानघाट में राजकीय सम्मान के साथ किया गया। अंतिम यात्रा में हिमाचल प्रदेश के वन मंत्री राकेश पठानिया भी शामिल हुए ।

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Forest guard Rajesh was given the last farewell with state honor, the Forest Minister said will give martyr status
वनरक्षक राजेश को राजकीय सम्मान से दी अंतिम विदाई। - फोटो : संवाद

विस्तार

 जंगल में लगी आग बुझाने के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले वनरक्षक राजेश कुमार का अंतिम संस्कार मंगलवार को उनके पैतृक बदोली स्थित श्मशानघाट में राजकीय सम्मान के साथ किया गया। अंतिम यात्रा में हिमाचल प्रदेश के वन मंत्री राकेश पठानिया भी शामिल हुए और शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया। राजेश कुमार के बेटे साहिल ने पार्थिव शरीर को मुखाग्नि दी।वन मंत्री ने कहा कि सरकार राजेश कुमार को शहीद का दर्जा देगी। यह मामला कैबिनेट में लाया जाएगा। सरकार शहीद के परिवार से एक सदस्य को नौकरी देगी। पत्नी को नियमानुसार पेंशन दी जाएगी। उन्होंने आश्वस्त किया कि एक माह में नौकरी दी जाएगी।

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डीएफओ मृत्युंजय माधव को सभी दस्तावेज तैयार करने के निर्देश दिए। वनरक्षक राजेश कुमार के परिवार को सरकार और जिला प्रशासन हरसंभव सहायता दे रहा है। इस दौरान उपायुक्त ऊना राघव शर्मा, एसपी अर्जित सेन ठाकुर सहित जिला प्रशासन के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। बंगाणा उपमंडल के सैली में 20 मई शाम को वनरक्षक राजेश कुमार जंगल में लगी आग की चपेट में आ गए थे। प्राथमिक उपचार के बाद पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया था। 90 प्रतिशत झुलस चुके राजेश ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। 
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नम आंखों के साथ दी विदाई 
वनरक्षक राजेश कुमार को स्थानीय लोगों और उनके साथियों ने नम आंखों से विदाई दी। शवयात्रा के दौरान जब तक सूरज चांद रहेगा राजेश कुमार का नाम रहेगा, राजेश कुमार अमर रहे के नारे लगे। अंतिम विदाई से पूर्व बदोली स्थित घर में माहौल गमगीन रहा। वन अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रदीप ठाकुर ने कहा कि जंगलों में आग घटनाओं से झुलसने वाले कर्मचारियों को लेकर सरकार ठोस नीति बनाए। इस तरह की ड्यूटी देने वाले कर्मचारियों को सुरक्षा उपकरण दिए जाने चाहिए। वनरक्षक राजेश कुमार को शहीद का दर्जा दिया जाए।

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