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आग की लपटों में घिरे फिजेंट के चूजों को वन कर्मियों ने बचाया
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शिमला के तारादेवी जंगल में लगी आग की लपटों के बीच घिरे फिजेंट के चूजों को वन विभाग के कर्मचारिय?
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आग की लपटों में घिरे फिजेंट के चूजों को वन कर्मियों ने बचाया
तारादेवी और कोटी रेंज में जंगलों में भड़की आग के दौरान कई जगह से वन कर्मियों ने आग में झुलसे दुर्लभ पक्षी फिजेंट के अंडे और चूजे बचाए हैं। इसे बाकायदा सोशल मीडिया पर शेयर कर लोगों को आग न लगाने की अपील की जा रही है। इस चूजों को अब सुरक्षित जगह छोड़ा जाएगा।
राजधानी से सटे जंगलों में आग
बेकाबू, शहर में फैल गया धुआं
शिमला। राजधानी से सटे जंगलों में आग बेकाबू हो गई है। जुन्गा और कोटी रेंज के जंगल चार दिन से दहक रहे हैं तो तारादेवी के जंगलों में भी दो दिन से आग पर काबू नहीं पाया जा सका है।
चीड़ और बान के जंगलों में बेकाबू आग से जहां लाखों रुपये की वन संपदा को नुकसान पहुंचा है। वहीं राजधानी शिमला दो दिन से धुएं के आगोश में है। वन विभाग के अनुसार कोटी रेंज, जुन्गा के साथ लगते भड़ेच, आलमपुर के जंगलों में आग से एक बड़ा क्षेत्र जलकर राख हो चुका है। इस क्षेत्र में बान और चीड़ के पेड़ हैं। चार दिन से इस जंगल में आग भड़की हुई है।
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आग बुझाने के लिए वन विभाग की टीम तो मौके पर डटी है लेकिन ग्रामीणों का सहयोग नहीं मिल रहा। आगजनी से इस हरे भरे क्षेत्र में कई जंगली जानवर भी मारे जा चुके हैं। तारादेवी और आनंदपुर के जंगलों में भी दो दिन से आग की लपटें उठ रही हैं। वीरवार सुबह निचले जंगल में भड़की आग पर काबू पाने के लिए वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। देर रात 3:00 बजे आग पर काबू पा लिया। लेकिन शुक्रवार सुबह 7:00 फिर इस जंगल में आग भड़क गई। वन विभाग ने फिर एक टीम मौके पर रवाना कर दी है। विभाग के अनुसार आग बुझने के बाद कुछ शरारती तत्व फिर आग लगा रहे हैं। डीएफओ शिमला ग्रामीण कृष्ण कुमार ने बताया कि तारादेवी और जुन्गा के जंगलों में आग अभी काबू नहीं हो पाई है। विभाग की टीमें मौके पर कोशिश कर रही हैं।
आग बेकाबू, नहीं आएगा हेलीकॉप्टर
राजधानी के जंगलों में बेकाबू आग बुझाने के लिए वन विभाग हेलीकॉप्टर की मदद नहीं ले रहा। पहले हेलीकॉप्टर से आग बुझाने के दावे तो किए गए लेकिन जब इसकी लागत का पता लगा तो विभाग ने प्लान बदल दिया। विभाग के अनुसार हेलीकॉप्टर से आग बुझाने के लिए लाखों रुपये खर्च होते हैं। पहाड़ी क्षेत्र में हेलीकॉप्टर इतना कामयाब भी नहीं है। इसका अभी ट्रायल तक नहीं हुआ है।
3.50 हेक्टेयर वन संपदा आग में खाक, एक व्यक्ति पर केस दर्ज
शिमला। राजधानी से सटे मशोबरा क्षेत्र में जंगल में आग लगाने पर एक व्यक्ति के खिलाफ केस दर्ज हुआ है। मशोबरा वन रेंज अधिकारी की शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस को दी शिकायत के मुताबिक दुर्गापुर निवासी केशव ने नालदेहरा बीट के जंगल में जानबूझकर कर आग लगाई थी। इससे वन संपदा को काफी नुकसान पहुंचा था। इसमें 3.50 हेक्टेयर वन संपदा जली है। ढली थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर आगामी छानबीन शुरू कर दी है।
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तारादेवी और कोटी रेंज में जंगलों में भड़की आग के दौरान कई जगह से वन कर्मियों ने आग में झुलसे दुर्लभ पक्षी फिजेंट के अंडे और चूजे बचाए हैं। इसे बाकायदा सोशल मीडिया पर शेयर कर लोगों को आग न लगाने की अपील की जा रही है। इस चूजों को अब सुरक्षित जगह छोड़ा जाएगा।
राजधानी से सटे जंगलों में आग
बेकाबू, शहर में फैल गया धुआं
शिमला। राजधानी से सटे जंगलों में आग बेकाबू हो गई है। जुन्गा और कोटी रेंज के जंगल चार दिन से दहक रहे हैं तो तारादेवी के जंगलों में भी दो दिन से आग पर काबू नहीं पाया जा सका है।
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चीड़ और बान के जंगलों में बेकाबू आग से जहां लाखों रुपये की वन संपदा को नुकसान पहुंचा है। वहीं राजधानी शिमला दो दिन से धुएं के आगोश में है। वन विभाग के अनुसार कोटी रेंज, जुन्गा के साथ लगते भड़ेच, आलमपुर के जंगलों में आग से एक बड़ा क्षेत्र जलकर राख हो चुका है। इस क्षेत्र में बान और चीड़ के पेड़ हैं। चार दिन से इस जंगल में आग भड़की हुई है।
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आग बुझाने के लिए वन विभाग की टीम तो मौके पर डटी है लेकिन ग्रामीणों का सहयोग नहीं मिल रहा। आगजनी से इस हरे भरे क्षेत्र में कई जंगली जानवर भी मारे जा चुके हैं। तारादेवी और आनंदपुर के जंगलों में भी दो दिन से आग की लपटें उठ रही हैं। वीरवार सुबह निचले जंगल में भड़की आग पर काबू पाने के लिए वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। देर रात 3:00 बजे आग पर काबू पा लिया। लेकिन शुक्रवार सुबह 7:00 फिर इस जंगल में आग भड़क गई। वन विभाग ने फिर एक टीम मौके पर रवाना कर दी है। विभाग के अनुसार आग बुझने के बाद कुछ शरारती तत्व फिर आग लगा रहे हैं। डीएफओ शिमला ग्रामीण कृष्ण कुमार ने बताया कि तारादेवी और जुन्गा के जंगलों में आग अभी काबू नहीं हो पाई है। विभाग की टीमें मौके पर कोशिश कर रही हैं।
आग बेकाबू, नहीं आएगा हेलीकॉप्टर
राजधानी के जंगलों में बेकाबू आग बुझाने के लिए वन विभाग हेलीकॉप्टर की मदद नहीं ले रहा। पहले हेलीकॉप्टर से आग बुझाने के दावे तो किए गए लेकिन जब इसकी लागत का पता लगा तो विभाग ने प्लान बदल दिया। विभाग के अनुसार हेलीकॉप्टर से आग बुझाने के लिए लाखों रुपये खर्च होते हैं। पहाड़ी क्षेत्र में हेलीकॉप्टर इतना कामयाब भी नहीं है। इसका अभी ट्रायल तक नहीं हुआ है।
3.50 हेक्टेयर वन संपदा आग में खाक, एक व्यक्ति पर केस दर्ज
शिमला। राजधानी से सटे मशोबरा क्षेत्र में जंगल में आग लगाने पर एक व्यक्ति के खिलाफ केस दर्ज हुआ है। मशोबरा वन रेंज अधिकारी की शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस को दी शिकायत के मुताबिक दुर्गापुर निवासी केशव ने नालदेहरा बीट के जंगल में जानबूझकर कर आग लगाई थी। इससे वन संपदा को काफी नुकसान पहुंचा था। इसमें 3.50 हेक्टेयर वन संपदा जली है। ढली थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर आगामी छानबीन शुरू कर दी है।