गुड़िया मामला: CBI के सामने फोरेंसिक एक्सपर्ट ने फिर किया सूरज के शव का निरीक्षण
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कोटखाई गैंगरेप एंड मर्डर केस में मंगलवार को सीबीआई ने फोरेंसिक विशेषज्ञों की मदद से आईजीएमसी में कत्ल हुए आरोपी सूरज के शव का पुन: निरीक्षण किया। इस दौरान सीबीआई के एसपी एसएस गुरम और एम्स के तीन विशेषज्ञ डाक्टर मौजूद रहे।
सुबह साढ़े ग्यारह बजे से शाम साढ़े चार बजे तक आईजीएमसी में निरीक्षण चलता रहा। एक-एक बिंदू पर जांच की गई। अब एम्स से आए डाक्टर अपनी पुन निरीक्षण की रिपोर्ट सीबीआई को सौंपेंगे।
टीम ने आरोपी सूरज के शरीर की फोटो और वीडियो का भी पुन: निरीक्षण किया गया। बता दें कि इससे पहले आईजीएमसी की फोरेंसिक टीम सूरज का पोस्टमार्टम कर चुकी है और बाकायदा इसकी वीडियोग्राफी भी की गई है।
सूरज का शव पांच दिन से अस्पताल के शव गृह में पड़ा हुआ है। सीबीआई ने लाश के दोबारा निरीक्षण का आग्रह किया था और कहा था कि जब तक उनकी टीम शव का निरीक्षण न कर लें तब तक सूरज का शव परिजनों के सपुर्द न किया जाए।
मंगलवार को टीम के साथ सुरक्षा के मद्देनजर डीएसपी सिटी राजेंद्र और एसएचओ सदर भी टीम के साथ मौजूद रहे। आईजीएमसी के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डा. रमेश ने कहा कि सीबीआई के साथ एम्स से डाक्टरों की टीम आई है इन्होंने शव का पुन: निरीक्षण किया है। सूरज का शव अब शव गृह में रखा गया है।
सीबीआई ने छाना दांदी जंगल, कई लोगों से सवाल जवाब भी किए
वहीं, कोटखाई के दांदी जंगल में जिस जगह पर गुड़िया का शव मिला था, सीबीआई टीम ने उस क्षेत्र का चप्पा-चप्पा छान डाला। मंगलवार दोपहर सीबीआई स्पेशल क्राइम ब्रांच की टीम ने घटनास्थल की गहनता से जांच की।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक स्तर के एक अधिकारी के नेतृत्व में टीम जंगल में सबूत तलाशती रही। सीबीआई के अलग-अलग अधिकारियों ने मौके पर गुड़िया के परिजनों और पुलिस से सवाल जवाब भी किए।
टीम शिमला के होटल ग्रैंड में बेस कैंप लगाए शीर्ष अधिकारियों से भी फोन पर संपर्क में रही। ठियोग के डीएसपी मनोज जोशी और कोटखाई थाने के पूर्व एसएचओ राजेंद्र सिंह भी मौके बुलाए थे।
एसआईटी को सूचना देने के लिए मोबाइल नंबर जारी
गुडिया दुराचार हत्या मामले में सीबीआई द्वारा गठित एसआईटी ने दो मोबाइल नंबर 82198 - 85920 और 82198 - 93590 अधिकारिक रूप से सूचना देने के लिए जारी किए हैं।
इस मामले को लेकर कोई भी व्यक्ति या जनसाधारण एसएमएस या व्हाटसऐप के माध्यम से इन नंबरों द्वारा कोई भी जानकारी सीबीआई की एसआईटी को प्रदान कर सकता हैं। सीबीआई ने उपायुक्त शिमला को इन नंबरों के व्यापक प्रचार - प्रसार के लिए आग्रह किया है।
गुड़िया की बहन बोली...दीदी को न्याय दिलाने बैठी हूं यहां
गुड़िया मामले में रिज मैदान पर चल रहे क्रमिक अनशन में गुड़िया के परिवार के नौ सदस्य भी शामिल हुए। इस दौरान गुड़िया की सात वर्षीय चचेरी बहन ने कहा कि गुनाहगारों को सजा दिलाने के लिए यहां बैठी है। दीदी के साथ बुरा करने वालों का जल्दी पता लगाओ, उन्हें बस सजा मिले।
उसके साथ गुड़िया के मामा की दो बेटियां और एक और चचेरी बहन भी धरने में घंटों तक बारिश में डटी रही। उनके चेहरे पर रोष और उन हत्यारों के लिए गुस्सा साफ नजर आ रहा था। मदद सेवा ट्रस्ट के धरने में शामिल लोगों के साथ गुड़िया के दो चाचा, तीन चाचियां भी बैठीं। चाचा ने कहा कि अब सीबीआई की जांच शुरू हो गई है, तो उन्हें न्याय की उम्मीद जगी है।
उन्हें पुलिस जांच पर भरोसा नहीं। जिसने पहले दिन फेसबुक पर नजर आए आरोपियों की जगह नेपाली और उत्तराखंड के लोगों को पकड़ असल दोषियों को बचाने का प्रयास किया, इन पकड़े लोगों में भी एक आरोपी की हवालात तक में सुरक्षा नहीं कर पाई। अब उन्हें सीबीआई पर भरोसा है कि वह जांच कर असल हत्यारों को पकड़ेगी और उन्हें सजा दिलवाएगी।
दो चाचा और तीन चाचियों ने कहा कि वे गुड़िया के लिए हो रहे हर आंदोलन में लोगों के साथ चलेंगे, उनकी बेटी गुड़िया को न्याय जब तक नहीं मिलता वे इसी तरह से आंदोलन जारी रखेंगे। एक चाची ने कहा कि गुड़िया के साथ हुई इस घटना के बाद तो क्षेत्र में दहशत है। बच्चों को स्कूल भेजते डर लगता है।
अनशन और धरने पर मंगलवार को विकास थापटा, तनुजा थापटा, समाज सेवी रवि कुमार सुरभि, हिमांशु, महेशी और अंजली बैठे। तनुजा ने कहा कि सीबीआई की जांच सही दिशा में हो और हत्यारे सलाखों के पीछे पहुंचे।