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हिमाचल में जबरन धर्मांतरण पर होगी सात साल की सजा, अधिसूचना जारी
Sat, 19 Dec 2020 10:41 AM IST
Krishan Singh
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Sat, 19 Dec 2020 10:41 AM IST
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धर्मांतरण
- फोटो : अमर उजाला
देवभूमि हिमाचल प्रदेश में अब जबरन धर्मांतरण करवाया तो 7 साल तक की सजा हो सकती है। प्रदेश के राज्यपाल ने हिमाचल प्रदेश धर्म की स्वतंत्रता अधिनियम-2019 के विधेयक को मंजूरी दे दी है। इसकी अधिसूचना जारी हो गई। इस कानून के प्रावधानों के तहत अब तीन माह से सात साल तक की सजा दी जाएगी। अलग-अलग वर्गों और जातियों के लिए अलग-अलग प्रावधान हैं।
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इससे पहले 2006 के एक्ट में 2 साल की सजा थी। अब महिला, नाबालिग और अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग से धर्म परिवर्तन के मामले में सात साल तक की सजा का प्रावधान है। झांसा, प्रलोभन या किसी अन्य तरीके से धर्मांतरण पर रोक रहेगी। यदि कोई व्यक्ति अपने मूल धर्म में वापस आता है तो उसे धर्म परिवर्तन नहीं माना जाएगा। बता दें, विधानसभा के मानसून सत्र में सरकार ने उक्त अधिनियम का विधेयक पारित किया था।
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