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डिजिटलाइजेशन से पकड़ में आएंगे फर्जी राशनकार्ड: बाली
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Wed, 23 Mar 2016 08:39 AM IST
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नई दिल्ली में उपभोक्ता संरक्षण एवं जागरूकता विषय पर संबोधित करते खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री जीएस बाली।
- फोटो : अमर उजाला
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खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री जीएस बाली ने कहा कि प्रदेश सरकार ने उपभोक्ता राशनकार्ड के डिजिटलाइजेशन करने में देश भर में पहल की है। हिमाचल में अब तक 15.54 लाख राशनकार्ड बना दिए गए हैं। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राशन का वितरण करने में पारदर्शिता लाने के लिए यह कदम उठाया गया है। बाली ने यह जानकारी नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित उपभोक्ता संरक्षण एवं जागरूकता विषय पर आयोजित राष्ट्र स्तरीय समारोह में दी।
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उन्होंने कहा कि डिजिटलाइजेशन से जाली राशनकार्ड बनाने वालों पर अंकुश लगेगा। केंद्रीय उपभोक्ता मामले एवं खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री राम विलास पासवान ने समारोह की अध्यक्षता की। बाली ने कहा कि राज्य स्तर पर उपभोक्ताओं की शिकायतों का निपटारा करने के लिए एक उपभोक्ता हेल्प लाइन नंबर 1967 आरंभ की गई है, जिसका लोग भरपूर लाभ उठा रहे हैं।
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उन्होंने बताया कि आगामी वित्त वर्ष में बड़े पैमाने पर उपभोक्ता जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, इसमें 20 लाख रुपये खर्च करने का प्रावधान है । बाली ने बताया कि प्रदेश में कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद गांव-गांव तक सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत उपभोक्ताओं को समय पर सस्ता राशन उपलब्ध करवाने के लिए एक बड़ा नेटवर्क कार्य कर रहा है।
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प्रदेश में 117 थोक गोदाम स्थापित किए गए हैं और लगभग 4866 उचित मूल्य की दुकानें हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जमाखोरों और मुनाफ ाखोरों पर कड़ी नजर रखी जा रही है तथा समय-समय पर खाद्यान्नों की गुणवत्ता जानने के लिए आकस्मिक निरीक्षण किए जाते हैं, जिससे प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली को सुचारु बनाया जा सका है ।