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राजधानी में फ्लैट मालिक ले सकेंगे सस्ते पेयजल कनेक्शन
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शिमला। राजधानी में सैकड़ों फ्लैट मालिक अब अपने लिए अलग से सस्ता पेयजल कनेक्शन ले सकेंगे। भवन में पहले से लगे पेयजल मीटर का बिल न देने के बावजूद कंपनी इन्हें अलग कनेक्शन दे देगी। शहर में सैकड़ों लोग ऐसे हैं जिन्हें इस फैसले से राहत मिलने वाली है। पेयजल कंपनी के अनुसार शहर में कई लोग ऐसे हैं, जिन्होंने बिल्डर से फ्लैट खरीद रखे हैं। ज्यादातर बिल्डर भवन बनाते समय पानी के महंगे कनेक्शन लेते हैं। भवन बनाने के बाद बिल्डर इसके फ्लैट तो बेच देते हैं, लेकिन पानी के बिल नहीं भरते। वहीं, बाद में इन भवनों में फ्लैट लेने वाले लोग अपने लिए अलग पेयजल कनेक्शन की मांग करते हैं लेकिन, कंपनी तब तक इन्हें नया कनेक्शन नहीं देती जब तक भवन में लगे पुराने मीटर का बिल चुकता नहीं हो जाता।
उधर, फ्लैट मालिकों का तर्क रहता है कि उन्होंने पिछला पानी इस्तेमाल ही नहीं किया तो वे बिल क्यों दें? इसी विवाद से इन्हें कनेक्शन नहीं मिलते। लेकिन, अब कंपनी ने इसके लिए अलग फार्मूला निकाला है। कंपनी के मुताबिक यदि किसी भवन में दस फ्लैट मालिक हैं और इसका पुराना बिल दस हजार रुपये बनता है तो इस बिल को दस हिस्सों में बांटा जाएगा। जो फ्लैट मालिक अलग कनेक्शन के लिए आवेदन करेगा, वह अपने हिस्से का शेयर यानी एक हजार रुपये देकर नया कनेक्शन ले सकता है। उसे बाकियों के हिस्से का शेयर नहीं देना पड़ेगा। शहर में सैकड़ों मामले ऐसे हैं जिनमें पुराने बिल का विवाद चल रहा है। अब इस नए फार्मूले से कंपनी को भी लंबित बिल का कुछ हिस्सा मिल जाएगा। साथ ही उपभोक्ता को भी राहत मिलेगी।
सेवानिवृत्त निदेशक को मिला पहला कनेक्शन
बिजली बोर्ड से सेवानिवृत्त निदेशक एसपी शर्मा को इस तरह का पहला सस्ता कनेक्शन मिला है। संकटमोचन में रहने वाले एसपी शर्मा ने नौ साल पहले फ्लैट लिया था, लेकिन पुराने पेयजल बिल विवाद के चलते उन्हें अलग कनेक्शन नहीं मिल रहा था। अब अपना शेयर देने के बाद उन्हें कंपनी ने सस्ता कनेक्शन दे दिया है। एसपी शर्मा ने कंपनी के एमडी धर्मेंद्र गिल और एजीएम हरमेश भाटिया का धन्यवाद किया और कहा कि सालों से उन्हें नया कनेक्शन नहीं मिल रहा था। अब अपना शेयर देकर उन्हें नया कनेक्शन मिल गया है।
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कंपनी और उपभोक्ता दोनों को होगा फायदा: एजीएम
ऐसे फ्लैट मालिक जिन्हें पुराने बिल के चलते पेयजल कनेक्शन नहीं मिल पाया है, वे अपना शेयर देकर नया कनेक्शन ले सकते हैं। इससे कंपनी को भी लंबित बिल का हिस्सा मिल जाएगा। साथ ही उपभोक्ता को भी फायदा होगा।
हरमेश भाटिया, एजीएम पेयजल कंपनी
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उधर, फ्लैट मालिकों का तर्क रहता है कि उन्होंने पिछला पानी इस्तेमाल ही नहीं किया तो वे बिल क्यों दें? इसी विवाद से इन्हें कनेक्शन नहीं मिलते। लेकिन, अब कंपनी ने इसके लिए अलग फार्मूला निकाला है। कंपनी के मुताबिक यदि किसी भवन में दस फ्लैट मालिक हैं और इसका पुराना बिल दस हजार रुपये बनता है तो इस बिल को दस हिस्सों में बांटा जाएगा। जो फ्लैट मालिक अलग कनेक्शन के लिए आवेदन करेगा, वह अपने हिस्से का शेयर यानी एक हजार रुपये देकर नया कनेक्शन ले सकता है। उसे बाकियों के हिस्से का शेयर नहीं देना पड़ेगा। शहर में सैकड़ों मामले ऐसे हैं जिनमें पुराने बिल का विवाद चल रहा है। अब इस नए फार्मूले से कंपनी को भी लंबित बिल का कुछ हिस्सा मिल जाएगा। साथ ही उपभोक्ता को भी राहत मिलेगी।
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सेवानिवृत्त निदेशक को मिला पहला कनेक्शन
बिजली बोर्ड से सेवानिवृत्त निदेशक एसपी शर्मा को इस तरह का पहला सस्ता कनेक्शन मिला है। संकटमोचन में रहने वाले एसपी शर्मा ने नौ साल पहले फ्लैट लिया था, लेकिन पुराने पेयजल बिल विवाद के चलते उन्हें अलग कनेक्शन नहीं मिल रहा था। अब अपना शेयर देने के बाद उन्हें कंपनी ने सस्ता कनेक्शन दे दिया है। एसपी शर्मा ने कंपनी के एमडी धर्मेंद्र गिल और एजीएम हरमेश भाटिया का धन्यवाद किया और कहा कि सालों से उन्हें नया कनेक्शन नहीं मिल रहा था। अब अपना शेयर देकर उन्हें नया कनेक्शन मिल गया है।
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कंपनी और उपभोक्ता दोनों को होगा फायदा: एजीएम
ऐसे फ्लैट मालिक जिन्हें पुराने बिल के चलते पेयजल कनेक्शन नहीं मिल पाया है, वे अपना शेयर देकर नया कनेक्शन ले सकते हैं। इससे कंपनी को भी लंबित बिल का हिस्सा मिल जाएगा। साथ ही उपभोक्ता को भी फायदा होगा।
हरमेश भाटिया, एजीएम पेयजल कंपनी