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Weather Forecasting System: हिमाचल में पांच स्वचालित मौसम पूर्वानुमान प्रणालियां की जाएंगी स्थापित
Sat, 26 Aug 2023 08:57 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Sat, 26 Aug 2023 08:57 PM IST
सार
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आपदा के समय जानमाल को कम से कम नुकसान के दृष्टिगत अग्रसक्रिय रूप से कार्यवाही पर बल दिया। बैठक में प्राकृतिक आपदाओं से निपटने और इसके लिए तैयारियों से संबंधित विभिन्न उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई।
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मुख्यमंत्री ने आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक की अध्यक्षता की।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में शनिवार को शिमला में राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की आठवीं बैठक हुई। मुख्यमंत्री ने आपदा के समय जानमाल को कम से कम नुकसान के दृष्टिगत अग्रसक्रिय रूप से कार्यवाही पर बल दिया। बैठक में प्राकृतिक आपदाओं से निपटने और इसके लिए तैयारियों से संबंधित विभिन्न उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। प्राधिकरण की यह बैठक करीब साढ़े तीन साल बाद हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारी बारिश के कारण होने वाले नुकसान को कम करने के दृष्टिगत वर्तमान में वास्तविक समय के आधार पर मौसम संबंधी पूर्वानुमान के लिए एक सुदृढ़ और अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी आधारित प्रणाली विकसित करना आवश्यक है।
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प्रदेश के हिमाच्छादित क्षेत्रों में पांच स्वचालित मौसम पूर्वानुमान प्रणालियां स्थापित करना प्रस्तावित है। वर्तमान में जलवायु परिवर्तन बड़ी चुनौती है और इस समस्या से पार पाने के लिए समुचित कदम उठाना जरूरी है। ग्लेशियरों के पिघलने से बनने वाली अस्थायी झीलों की निरंतर निगरानी हो। बरसात के दौरान बांधों से पानी छोड़ने के लिए समुचित प्रणाली की अनुपालना हो और बांधों से पानी रुक-रुक कर छोड़ा जाना चाहिए, ताकि निचले क्षेत्रों में नुकसान न हो। उन्होंने क्षमता निर्माण उपायों पर बल देते हुए कहा कि राज्य में 47,390 स्वयंसेवियों को प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।
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सुक्खू ने कहा कि आपदा संबंधी हेल्पलाइन नंबर 1077 और 1070 के अतिरिक्त एक अन्य हेल्पलाइन नंबर 1100 को भी इसमें जोड़ा जाना चाहिए, जिससे आपदा के समय प्रभावितों को समय पर समुचित सहायता उपलब्ध करवाई जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में राजीव गांधी राजकीय डे-बोर्डिंग स्कूल योजना के तहत भवनों के निर्माण में भूकंपरोधी तकनीक का उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने बादल फटने की घटनाओं की पूर्व सूचना से संबंधित प्रणाली विकसित करने पर भी बल दिया, ताकि इससे होने वाले नुकसान को कम किया जा सके।
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राज्य में सभी सरकारी विभाग भी सुरक्षित निर्माण सुनिश्चित करें : सुक्खू
सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा है कि हिमाचल प्रदेश भूकंप, भूस्खलन, बाढ़ और बादल फटने जैसी विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं के लिए अति संवेदनशील है और आपदा संबंधित जोखिम कम करने के लिए ऐसी घटनाओं से प्राप्त डाटा का संकलन और इसकी निरंतर निगरानी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि राज्य में सभी सरकारी विभाग भी सुरक्षित निर्माण सुनिश्चित करें। भूमि उपयोग आधारित योजना, पाठशालाओं, अस्पतालों सहित अन्य संवेदनशील भवनों की रेट्रोफिटिंग अनिवार्य हो।