भारी बारिश में भी शक्तिपीठों में कतारों में लगे रहे श्रद्धालु, किए देवियों के दर्शन
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शारदीय नवरात्र के पहले दिन रविवार को हिमाचल की शक्तिपीठों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। भारी बारिश भी श्रद्धालुओं के कदम नहीं रोक पाई। करीब एक लाख भक्तों ने देवियों के दर्शन किए। मंदिरों में सुरक्षा की दृष्टि से कड़े इंतजाम किए गए थे। अलर्ट के चलते पुलिस कर्मचारी चप्पे-चप्पे पर नजर रख रहे हैं।
सीसीटीवी से भी निगरानी की जा रही है। मंदिरों के कपाट रात को दो बजे ही खोल दिए गए थे। नयनादेवी मंदिर में पहले नवरात्र पर 40 हजार श्रद्धालुओं ने माथा टेका। नंदिकेश्वर धाम श्री चामुंडा में चार हजार, ज्वालाजी में 25 हजार और बज्रेश्वरी मंदिर कांगड़ा में करीब 5 हजार श्रद्धालुओं ने माथा टेका। जिला मुख्यालय धर्मशाला के साथ लगते कुनाल पत्थरी मंदिर में करीब दो हजार श्रद्धालुओं ने दर्शन किए।
उत्तर भारत के प्रसिद्ध एवं ऐतिहासिक चामुंडा मंदिर में मंदिर सहायक आयुक्त हरीश गज्जू, यजमान अनिल गौड़ और राम दत्त ने आचार्य बालक राम की अगुवाई में 31 विद्वान पंडितों के मंत्रोच्चारण के साथ गणेश वंदना और कलश स्थापना के साथ नवरात्रों की शुरुआत की गई।
छिन्नमस्तिका धाम चिंतपूर्णी में 23 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने माथा टेका। भक्तों की लाइनें चिंतपूर्णी बस स्टैंड तक पहुंच गई थीं। पुलिस प्रशासन को व्यवस्था बनाने के लिए काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। श्रद्धालुओं को दर्शन करने के लिए लगे छह से आठ घंटे का समय लगा।
राज्यपाल ने काली बाड़ी मंदिर में की पूजा अर्चना
राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने रविवार को शिमला के प्रमुख धार्मिक स्थल कालीबाड़ी मंदिर का दौरा किया। उन्होंने पहले नवरात्र पर मंदिर में पूजा-अर्चना भी की।