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HRTC Pensioners Protest In Shimla: एफआईआर करने पर भड़के पेंशनर, बोले-आवाज दबाने की कोशिश न करे सरकार
Thu, 09 Jun 2022 05:27 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Thu, 09 Jun 2022 05:27 PM IST
सार
परिवहन पेंशनर कल्याण संगठन के प्रधान सत्यप्रकाश शर्मा ने कहा कि अगर पेंशनरों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस न हुई तो संघर्ष होगा।
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शंख बजाकर प्रदर्शन करते पेंशनर। (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बुधवार को एचआरटीसी पेंशनरों और पुलिस के बीच हुई धक्कामुक्की के बाद लगे जाम के मामले में 10 पेंशनरों के खिलाफ एफआईआर होने पर परिवहन पेंशनर कल्याण संगठन भड़क गया है। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा है कि सरकार पेंशनरों की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है। संगठन के प्रधान सत्यप्रकाश शर्मा, अध्यक्ष केसी चौहान, महासचिव सत्यप्रकाश शर्मा और महासचिव सुरिंद्र कुमार गौतम ने कहा है कि एफआईआर दर्ज कर वरिष्ठ नागरिकों को डराने की कोशिश की जा रही है।
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पेंशनर संगठन ने 12 मई को एचआरटीसी मुख्यालय के सामने धरना देकर मांगें उठाई थी और आठ जून को सचिवालय मार्च का ऐलान किया था। 13 मई को सरकार और निगम प्रबंधन को नोटिस देकर सचिवालय मार्च को लेकर अवगत करवाया। बावजूद इसके सरकार और प्रबंधन ने संगठन को कानूनी बाध्यता के विषय में अवगत नहीं करवाया। हमें सूचित किया जाता तो प्रदर्शन स्थल बदला जा सकता था।
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पेंशनरों पर ट्रैफिक रोकने के निराधार आरोप लगाए जा रहे हैं। जबकि पुलिस ने बैरिकेड लगाकर और पुलिस बस और जीप सड़क पर तिरछी लगाकर ट्रैफिक रोका। टॉलैंड में लगे सीसीटीवी कैमरों में भी इसकी रिकॉर्डिंग है। पुलिस ने न सिर्फ ट्रैफिक रोका बल्कि वरिष्ठ नागरिकों के ऊपर बल प्रयोग भी किया। जिसमें कई बुजुर्ग चोटिल भी हुए।
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प्रधान सचिव परिवहन के साथ बैठक के बाद पेंशनर संतुष्ट थे, लेकिन सरकार पेंशनरों को उकसाने की कोशिश कर रही है। संगठन को सात जुलाई को धर्मशाला में प्रदर्शन करने पर मजबूर किया जा रहा है। अगर पेंशनरों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस न हुई तो संघर्ष होगा।