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गड़बड़झाला: प्रधानों और उपप्रधानों ने लाभार्थियों को चेक देने के बजाय खुद निकाले लाखों

Thu, 03 Oct 2019 02:51 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Thu, 03 Oct 2019 02:51 PM IST
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Farrago: Instead of giving checks to the beneficiaries pradhan drew lakhs themselves
प्रतीकात्मक तस्वीर

प्रधानों और उपप्रधानों ने लाभार्थियों को चेक देने के बजाय बैंकों से खुद लाखों रुपये निकाल लिए। शिमला जिले की चार ग्राम पंचायतों में यह गड़बड़झाला सामने आया है। यह खुलासा स्थानीय लेखा विभाग की ऑडिट रिपोर्ट में हुआ है। हिमाचल प्रदेश पंचायतीराज नियम 2002 के अनुसार एक हजार रुपये से अधिक का भुगतान लाभार्थी को केवल बैंक चेक से ही किया जाना होता है, मगर ऐसा नहीं किया गया।

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स्थानीय लेखा विभाग ने गबन की आशंका जाहिर की है। मामले को पंचायतीराज विभाग के निदेशक के ध्यान में लाया गया है।  वर्ष 2015 से 2018 की ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार जिला शिमला की ग्राम पंचायत पुजारली-तीन में एक गंभीर अनियमितता सामने आई है। इस पंचायत में 11 लाख 81 हजार रुपये की धनराशि का भुगतान पंचायत ने लाभार्थियों ने सीधे नहीं किया, बल्कि इसे प्रधान और कुछ अन्य लोगों के नाम से निकाला गया।
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उसके बाद इसका आगे लाभार्थियों को किया गया। लेखा परीक्षा में इस राशि पर गबन की आशंका जाहिर की गई है। छानबीन करने के निर्देश जारी किए गए हैं। कुपवी की मझोली पंचायत में भी वर्ष 2017 में बगैर बिल वाउचर के मनरेगा के तहत पक्की गली, पक्की नाली, टैंक निर्माण आदि के लिए 55 हजार 874 रुपये का भुगतान किया।
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इसमें भी गबन की आशंका जाहिर की गई है। इसी अवधि के बीच में जिला शिमला की ग्राम पंचायत बगाहर में भी लाभार्थियों को सीधा भुगतान न करके प्रधान, उपप्रधान और सचिव ने 5 लाख 42 हजार 836 रुपये की निकासी की।

ऊना की चार पंचायतों ने खोल दिए छह-छह बैंक खाते 

इसमें भी ऑडिट रिपोर्ट में गबन की आशंका जाहिर की गई है। ग्राम पंचायत क्यारी में भी कई लाभार्थियों की भुगतान राशि को सीधे न देकर इसकी पंचायत प्रधान, उपप्रधान, सचिव और किन्हीं अन्य लोगों को किया गया। इसमें भी आडिट रिपोर्ट में गबन की आशंका व्यक्त की गई है। 

 ऊना जिले की ग्राम पंचायत बाथू ने छह बैंक बचत खाते खोल दिए और इनमें पंचायत का पैसा जमा करवाया। इस बारे में पंचायत को कहा गया है कि यह केवल दो बैंक खाते ही रखे और बाकी बैंक खातों को बंद कर दे।

ऊना जिले की ही ग्राम पंचायत गोंदपुर बुल्ला ने भी छह बैंक खाते खोले हैं, जिनमें चार बंद करने को कहा गया। ग्राम पंचायत ललड़ी ने पांच बैंक खाते खोल दिए। इसी तरह से ग्राम पंचायत पालकवाह ने भी छह बैंक खाते खोले। इस पंचायत को तीन खाते बंद करने के निर्देश दिए गए। 

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