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खाद्यान्न फसलों का समर्थन मूल्य बढ़ने से खिले किसानों के चेहरे

Thu, 05 Jul 2018 01:06 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Updated Thu, 05 Jul 2018 01:06 PM IST
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Farmers happy in himachal after centre hike MSP for 14 Kharif crops

खाद्यान्न फसलों का समर्थन मूल्य बढ़ने का लाखों किसानों को लाभ होगा। प्रदेश में खासकर मक्की और धान के उत्पादकों को इसका खास फायदा होगा। किसानों की आमदनी को दोगुना करने की दिशा में केंद्र सरकार के इस कदम से उनके चेहरे खिल गए हैं।

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इससे जो किसान खेतीबाड़ी से पलायन कर दूसरे व्यवसाय कर रहे थे, वे भी दोबारा खेती की ओर मुड़ सकते हैं। समर्थन मूल्य बढ़ने से बाजार में खाद्यान्नों के भाव भी नियंत्रित रहेंगे।
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खाद्यानों की बात करें तो इनका सबसे ज्यादा उत्पादन खरीफ मौसम में ही होता है। इनमें मक्की और धान की पैदावार सर्वाधिक होती है। इन फसलों सहित दालों और अन्य कृषि उपज का समर्थन मूल्य घोषित करने के बाद प्रदेश के लाखों किसानों को बड़ी राहत मिली है। 

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दो लाख 90 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में होती है मक्की की खेती

Farmers happy in himachal after centre hike MSP for 14 Kharif crops

मक्की का समर्थन मूल्य 1425 से बढ़ाकर 1700 रुपये किया गया है। इसमें 275 रुपये का इजाफा किया गया है। धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य को 1550 रुपये से बढ़ाकर 1750 रुपये किया गया है। इसमें 200 रुपये बढ़ाए गए हैं।

सूरजमुखी के न्यूनतम समर्थन मूल्य में 1288 रुपये प्रति क्विंटल, रॉंगी के न्यूनतम समर्थन मूल्य में 997 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है। ज्वार के समर्थन मूल्य को 1700 रुपये से बढ़ाकर 2430 रुपये किया गया है। मूंग के न्यूनतम मूल्य में 1400 रुपये की वृद्धि कर  5575 रुपये से 6975 किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार के इस फैसले से प्रदेश के किसान लाभान्वित होंगे। 

हिमाचल में खरीफ फसलों में दो लाख 90 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में मक्की की खेती होती है। इसी तरह से 2000 हेक्टेयर क्षेत्र में धान की बुवाई होती है। दलहनें इससे कम क्षेत्र में होती हैं। यह जानकारी देते हुए कृषि निदेशक डा. देस राज शर्मा ने कहा कि प्रदेश में खाद्यान्नों की पैदावार घरेलू खपत के लिए ज्यादा होती है। सीमावर्ती क्षेत्रों के किसान इसे एफसीआई को भी बेचते हैं। उन्हें इसका लाभ होगा।

हिमाचल के 90 फीसदी किसानों को मोदी सरकार का तोहफा

Farmers happy in himachal after centre hike MSP for 14 Kharif crops

खरीफ सीजन की प्रमुख फसलों मक्की, धान, अरहर, उड़द, कपास, आदि के समर्थन मूल्य घोषित किए जाने से किसानों के चेहरे खिल गए हैं। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने माना कि हिमाचल की कृषि व्यवसाय से जुड़ी 90 फीसदी जनता को इसका फायदा होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की यह मांग पिछले दो दशकों से चली आ रही थी।

इस फैसले से देशभर के 12 करोड़ से अधिक किसान लाभान्वित होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस निर्णय से केंद्रीय बजट 2018-19 में घोषित वादा पूरा हुआ है। खाद्यानों की बात करें तो इनका सबसे ज्यादा उत्पादन खरीफ मौसम में ही होता है।

इनमें मक्की और धान की पैदावार सर्वाधिक होती है। इन फसलों सहित दालों और अन्य कृषि उपज का समर्थन मूल्य घोषित करने के बाद प्रदेश के लाखों किसानों को बड़ी राहत मिली है।

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