{"_id":"61eaed5488dea15db715e7cb","slug":"farmer-donated-land-worth-crores-to-education-department-for-atal-adarsh-vidyalaya","type":"story","status":"publish","title_hn":"धर्मशाला: किसान ने अटल आदर्श विद्यालय के लिए शिक्षा विभाग को दान में दी करोड़ों की जमीन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धर्मशाला: किसान ने अटल आदर्श विद्यालय के लिए शिक्षा विभाग को दान में दी करोड़ों की जमीन
Fri, 21 Jan 2022 10:59 PM IST
Krishan Singh
संवाद न्यूज एजेंसी, धर्मशाला
संवाद न्यूज एजेंसी, धर्मशाला
Published by: Krishan Singh
Updated Fri, 21 Jan 2022 10:59 PM IST
सार
हमीरपुर में अपनी करोड़ों की संपत्ति सरकार को सौंपने के बाद अब जिला कांगड़ा की ग्राम पंचायत कुढ़ना के किसान सुभाष लंबरदार ने अपनी 50 कनाल जमीन को शिक्षा विभाग को दान दिया है। दान दी गई इस जमीन की रजिस्ट्री भी शिक्षा विभाग के नाम कर दी गई है।
विज्ञापन
किसान सुभाष लंबरदार ने दाम की करोड़ाें की भूमि।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के विकास खंड लंबागांव की ग्राम पंचायत कुढ़ना में एक किसान ने अपनी करोड़ों की जमीन शिक्षा विभाग को दान दे दी है। दान की गई इस जमीन की रजिस्ट्री भी बाकायदा विभाग के नाम कर दी है। दान में मिली इस जमीन पर शिक्षा विभाग अब अटल आदर्श विद्यालय बनाएगा। हमीरपुर में अपनी करोड़ों की संपत्ति सरकार को सौंपने के बाद अब जिला कांगड़ा की ग्राम पंचायत कुढ़ना के किसान सुभाष लंबरदार ने अपनी 50 कनाल जमीन को शिक्षा विभाग को दान दिया है। दान दी गई इस जमीन की रजिस्ट्री भी शिक्षा विभाग के नाम कर दी गई है, जबकि जमीन दान देने में सुभाष उनके भाई के बेटों ने भी अपनी सहमति जताई है।
विज्ञापन
सुभाष लंबरदार ने बताया कि वह कुढ़ना में खेतीबाड़ी का कार्य करते हैं। उनके पास 100 कनाल से अधिक भूमि है। उनकी इच्छा थी कि उनका भी क्षेत्र में नाम हो, इसके लिए उन्होंने अपनी 50 कनाल भूमि शिक्षा विभाग को दान दे दिया। उन्होंने बताया कि जिस जमीन को दान दिया गया है, वह एक समतल प्लॉट है और उसे वह घासनी के रूप में प्रयोग करते थे। शुक्रवार को प्रदेश शिक्षा विभाग धर्मशाला की ओर से गांव कुढ़ना पहुंचे प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक महेंद्र सिंह की मौजूदगी मे तहसीलदार रक्कड़ अमित शर्मा के माध्यम से सुभाष लंबरदार ने शिक्षा विभाग के नाम यह 50 कनाल जमीन की रजिस्ट्री करवाई। लंबे समय से राजकीय आदर्श विद्यालय की मांग चली आ रही थी। भूमि उपलब्ध न होने से मामला ठंडे बस्ते में था।
विज्ञापन