Shimla: विरोध के बाद एचआरटीसी ने पलटा फैसला, बस पास किराया घटाया, अब इतने रुपये लगेंगे
अब पास किराये को तीन स्लैब में बांटकर किराये को कम किया है। इसको लेकर एचआरटीसी के चीफ जनरल मैनेजर पंकज सिंघल ने शनिवार को आदेश जारी किए हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राजधानी शिमला में निजी स्कूलों के लिए चलने वाली चार्टड बसों की पास दरों में एचआरटीसी ने संशोधन कर दिया है। अब पास किराये को तीन स्लैब में बांटकर किराये को कम किया है। इसको लेकर एचआरटीसी के चीफ जनरल मैनेजर पंकज सिंघल ने शनिवार को आदेश जारी किए हैं। नए स्लैब के मुताबिक अब 0 से 6 किलोमीटर के लिए 1200 रुपये प्रति महीना, 6 से 12 किलोमीटर के लिए 1800 रुपये प्रति महीना और 12 किलोमीटर से अधिक दूरी के लिए 2000 रुपये किराया निर्धारित किया है।
पूर्व में पांच किलोमीटर तक का बस पास किराया 18 सौ रुपये कर दिया था। हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की ओर से शहर के निजी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के त्रैमासिक बस किराये में भारी वृद्धि कर थी। इसको लेकर अभिभावक बेहद नाराज हो गए थे। अमर उजाला ने इस मामले को प्रमुखता से उठाया था और इसके बाद लोगों ने भी सड़कों पर उतरकर इसका विरोध जताया था।
इसके बाद मामला सरकार के समक्ष पहुंचा। वहीं शनिवार को उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने बस पास किराये को कम करने की बात कही। इसके बाद एचआरटीसी ने संशोधन बस पास किराये की अधिसूचना जारी की। हिमाचल पथ परिवहन निगम की ओर से शहर के ऑकलैंड, चैप्सली कल्स्टन, डीएवी न्यू शिमला, एडवर्ड, नवबहार चैल्सी, एसपीएस खलीनी, पुजारली और ताराहॉल स्कूल के लिए 42 बसें चलाई जाती हैं। इन बसों में रोजाना 2100 से अधिक छात्र-छात्राएं सफर करते हैं।
एचआरटीसी की ओर से बस पास किराये को पहले दो स्लैब में बांटा था। इसमें 1 से 5 किलोमीटर तक 1800 रुपये और 5 किलोमीटर से अधिक दूरी से आने वाले बच्चों को 2500 रुपये प्रति महीना किराया निर्धारित किया था। इस तरह तीन महीने के लिए बनने वाले इस पास के लिए 5400 और 7500 रुपये चुकाने पड़ने थे। अब 6 किलोमीटर तक की दरों में 600 रुपये की कटौती की है। वहीं यात्रा दूरी को एक किलोमीटर बढ़ाकर 5 से 6 किलोमीटर कर दिया है। दूसरे स्लैब को 6 से 12 किलोमीटर तक किया है जिसमें बस किराया 700 रुपये कम किया है।
सरकार किराया वृद्धि के फैसले को वापस ले: सीपीएम
निजी स्कूलों के लिए लगाई गई बसों में विद्यार्थियों के किराये में कुछ कमी की गई। यह कटौती बहुत कम है। सीपीएम ने आरोप लगाया कि जो पूरे प्रदेश की जनता के मुख्य मुद्दे उठाए थे, उनपर उप मुख्यमंत्री और परिवहन मंत्री ने चर्चा ना करने की पार्टी निंदा करती है। बसों में यात्रियों के एक छोटे से डिब्बे और चार किलो सामान का टिकट लेने व प्राइवेट रूटों को निजी हाथों देने के फैसले को वापस नहीं लिया जाता सीपीएम तब तक अपना आंदोलन जारी रखेगी और इस आंदोलन को पूरे प्रदेश में शुरू करेगी इस आंदोलन को तब तक चलाया जाएग। सीपीएम ने सरकार से मांग की है की सरकार किराया वृद्धि के फैसले को पूरी तरह से वापस ले ताकि जनता को राहत मिल सके।