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Fake degree case: मानव भारती विवि के 20 कर्मचारियों ने की है उत्तर पुस्तिकाओं से छेड़छाड़, पुलिस का दावा
Sat, 13 May 2023 10:24 AM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Sat, 13 May 2023 10:24 AM IST
सार
पुलिस का दावा है कि इसमें लेखाकार, लिपिक, प्रवक्ता आदि अन्य कर्मचारी शामिल हैं। पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने फर्जी डिग्री मामले में इन सभी को आरोपी बनाया है।
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फर्जी डिग्री मामला।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
फर्जी डिग्री मामले में फंसे मानव भारती निजी विश्वविद्यालय में 20 अधिकारियों और कर्मचारियों ने उत्तर पुस्तिकाओं के साथ छेड़छाड़ की है। पुलिस का दावा है कि इसमें लेखाकार, लिपिक, प्रवक्ता आदि अन्य कर्मचारी शामिल हैं। पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने फर्जी डिग्री मामले में इन सभी को आरोपी बनाया है। फोरेंसिक लैब जुन्गा से आई सैंपलों की रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। अब एसआईटी हाईकोर्ट में जल्द आरोपियों के खिलाफ फाइनल चार्जशीट पेश करेगी।
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मानव भारती विश्वविद्यालय पर हिमाचल समेत 12 राज्यों में करीब 46 हजार फर्जी डिग्रियों के आवंटन का आरोप है। आरोप है कि संस्थान के कहने पर एजेंट फर्जी डिग्री दिलाने का सौदा करते थे। जिन राज्यों में फर्जी डिग्रियां बेची गईं, उनमें हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, दिल्ली, गुजरात, तमिलनाडु, केरल, पंजाब, उत्तर प्रदेश और बंगलूरू शामिल हैं। आरोप है कि डिग्रियां बेचने का यह फर्जीवाड़ा 2010 से चल रहा था। शैक्षणिक सत्र पूरा होने के बाद फर्जी डिग्रियां बिकना शुरू हो जाती थीं। एजेंट डिग्रियों का सौदा कर पैसों का नकद लेन-देन करते थे। आरोप यह भी है कि विश्वविद्यालय ने ऐसे कोर्स भी करवा दिए, जिनकी विवि प्रबंधन ने अनुमति तक नहीं ली थी।
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