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Himachal: सरकारी नाैकरी का फर्जी नियुक्ति पत्र बनाया, सत्यापित करवाने भी भेज दिया, ऐसे पकड़ में आया गड़बड़झाल

Sat, 05 Apr 2025 11:01 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Sat, 05 Apr 2025 11:01 AM IST
सार

प्रदेश कृषि विभाग में क्लर्क की नौकरी पाने का फर्जी नियुक्ति पत्र बनाने का मामला सामने आया है। फर्जी नियुक्ति पत्र पर कृषि विभाग के उपसचिव के हस्ताक्षर दिखा रखे हैं।

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fake appointment letter for a govt job was made and was also sent for verification, know the whole matter
अपराध (सांकेतिक )। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

हिमाचल प्रदेश कृषि विभाग में क्लर्क की नौकरी पाने का फर्जी नियुक्ति पत्र बनाने का मामला सामने आया है। फर्जी नियुक्ति पत्र पर कृषि विभाग के उपसचिव के हस्ताक्षर दिखा रखे हैं। थाना छोटा शिमला में उपसचिव की शिकायत पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शरू कर दी है। उन्होंने डीजीपी विजिलेंस को भी मामले की जांच करने के लिए पत्र भेजा है। कृषि विभाग के उपसचिव जोगीराम अत्री ने छोटा शिमला थाने में इस मामले को लेकर शिकायत दर्ज करवाई है।

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शिकायत में बताया कि अनीश कुमार निवासी कांगड़ा की नियुक्ति के लिए उनके हस्ताक्षर वाला फर्जी नियुक्ति पत्र ज्वाइनिंग से पहले कृषि विभाग के अतिरिक्त निदेशक कार्यालय धर्मशाला में संयुक्त निदेशक राहुल कटोच के समक्ष पेश किया गया। संयुक्त निदेशक ने व्हाट्सएप पर उपसचिव को जानकारी दी कि अमित नाम के ठेकेदार ने यह पत्र उन्हें सत्यापित करने के लिए दिया था। अमित ठेकेदार कृषि विभाग में ही बोरवेल का काम करता है और उसने अनीश कुमार को अपना रिश्तेदार बताया था।

हैरानी की बात है कि इस फर्जी नियुक्ति पत्र में उम्मीदवार को जिस श्रेणी में नियुक्ति देने की बात कही है, ऐसा कोई पद विभाग में वर्तमान में नहीं है। वहीं इस मामले में अब और भी फर्जी नियुक्ति पत्र के मामले सामने आ सकते हैं। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह पत्र किसने बनाया तथा किस तरह से इसकी प्रिंटिंग की गई। क्या इसके पीछे कोई बड़ा गिरोह तो शामिल नहीं है। कुछ माह पहले भी भी इस तरह के मामले सामने आ चुके हैं। अब एक और नया मामला सामने आने के बाद पुलिस इसकी गंभीरता से जांच कर रही है।

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ऐसे पकड़ में आया गड़बड़झाला...
फर्जी नियुक्ति पत्र में निम्न श्रेणी लिपिक का पद दर्शाया है, जबकि विभाग में यह पद लिपिक के रूप में स्वीकृत था। इसे अब कनिष्ठ कार्यालय सहायक सूचना एवं प्रौद्योगिकी का नाम दे दिया है। इतना ही नहीं, फर्जी नियुक्ति पत्र में नियुक्ति भी नियमित आधार पर दर्शाई है। नियमों की बात करें तो हिमाचल प्रदेश में वर्ष 2007 से सीधी भती के लिए अनुबंध के आधार पर वर्ग-तीन पद पर नियुक्तियां दी जा रही हैं। फर्जी नियुक्ति पत्र पर लगी मुहर में सबसे ऊपर कृषि विभाग हिमाचल प्रदेश, कृषि निदेशालय कृषि भवन, बालूगंज शिमला अंकित है। फर्जी नियुक्ति पत्र में उपसचिव के हस्ताक्षर दिखाए हैं।

पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर मामले की आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। इस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं। -संजीव कुमार गांधी, एसएसपी शिमला

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