अब ये अधिकारी करेंगे विजिलेंस के वित्तीय मामलों की निगरानी
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भ्रष्टाचार पर जीरो टालेरेंस के सरकार के दावे पर राज्य विजिलेंस ब्यूरो हरकत में है। ब्यूरो ने दस साल बाद सभी विभागों में तैनात एक्स ऑफिशियो विजिलेंस अधिकारियों (ईवीओ) की बैठक की।पुलिस मुख्यालय में बैठक में दो दर्जन से ज्यादा विभागों के ईवीओ के अलावा एडीजी विजिलेंस डॉ. अतुल वर्मा और आईजी विजिलेंस जेपी सिंह मौजूद रहे।
बैठक के दौरान विजिलेंस ब्यूरो के अधिकारियों ने सभी ईवीओ को उनकी जिम्मेदारी से अवगत कराते हुए भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितता के मामलों की अपने स्तर पर जांच कर ब्यूरो से साझा करने को कहा। बैठक के बाद अब एक बार फिर सूबे मेंईवीओ अपने विभागों के वित्तीय मामलों की निगरानी करेंगे।
खास बात यह है ईवीओ की आखिरी बैठक दस साल पहले साल 2008 में हुई थी।
छह महीने में लंबित मामलों को निपटाने का लक्ष्य
इसके बाद न तो विजिलेंस के अधिकारियों और न ही सरकार में बैठे अफसरों ने बैठक कराने की जरूरत समझी। विभागीय सूत्रों के अनुसार ईवीओ की मदद से अब ब्यूरोसभी मामलों की प्रारंभिक जांच खुद करने में बर्बाद होने वाले समय को बचा सकेगा। अब ईवीओ पहले मामले की जांच करेंगे और उसके आधार पर सरकार या ब्यूरो को संबंधित मामले में कमेंट भेजेंगे। इसके आधार पर ब्यूरो जांच की दिशा और तरीकातय करेगा।
नाम न लिखने की शर्त पर विजिलेंस के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि विभागीय स्तर पर बड़ी संख्या में मामले आते हैं लेकिन जांच न होने की वजह से वह लंबित रहते हैं। ब्यूरो ने सभी ईवीओ को छह महीने में अपनी लंबित मामलों की जांच पूरी कररिपोर्ट देने को कहा है। अधिकारी ने बताया कि इस प्रक्रिया के दोबारा शुरू होने से विभाग स्तर पर होने वाले भ्रष्टाचार में रोकलगाने में खासी मदद मिलेगी।