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यहां मुर्दों को बना डाला कमाई का जरिया, मजबूरों से हो रही वसूली

Mon, 04 May 2015 02:44 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/ अमर उजाला, शिमला Updated Mon, 04 May 2015 02:44 PM IST
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Even the dead into a financial driver in igmc shimla.

प्रदेश के सबसे बड़े इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) में मौत के बाद मुर्दों को कमाई का जरिया बनाया जा रहा है। यह सब समाजसेवा के नाम पर हो रहा है।

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यहां से डेडबॉडी घर पहुंचाने के नाम पर मृतक के परिजनों से खुली लूट हो रही है। प्रति किलोमीटर किराया तय है लेकिन परिजनों से मनमाना पैसा वसूला जाता है। इसके बाद गाड़ी धोने का पैसा अलग।
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यह भी परिजनों से लिया जा रहा है। प्रबंधन का तर्क है कि वाशिंग का पैसा मृतक के परिजनों से लेना सरासर गलत है। अस्पताल के भीतर ही समाज सेवा के नाम पर कुछ लोग मरीजों को लूट रहे हैं।
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पुख्ता सूत्र बताते हैं कि एक एनजीओ की आड़ में गोरखधंधे को अंजाम दिया जा रहा है। आईजीएमसी प्रबंधन के पास ऐसी कई शिकायतें पहुंची हैं।

एंबुलेंस के नाम पर चलाए जा रहे इस गोरखधंधे में कौन- कौन लोग शामिल हैं, यह जांच का विषय है। इस पूरे रैकेट को एक संदिग्ध एनजीओ की आड़ में चलाया जा रहा है।

ऐसे चल रहा गोरखधंधा

Even the dead into a financial driver in igmc shimla.

आईजीएमसी में किसी मरीज की मौत के बाद उसके शव को घर तक पहुंचाना आसान नहीं है। अस्पताल के पास अपनी कोई डेडबॉडी वैन नहीं है। मरीजों को स्वयंसेवी संस्थाओं की एंबुलेंसों पर निर्भर रहना पड़ता है।

छोटी गाड़ी का प्रशासन की ओर से दस रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से किराया तय किया गया है। शिकायत आ रही है कि कुछ एंबुलेंस संचालक 12 से 15 रुपये वसूल कर रहे हैं।

अगर कहीं डेडबाड़ी ले जानी हो तो परिजनों से अधिक किराये के अलावा गाड़ी की वॉशिंग का 300 से 500 रुपये अलग से लिया जा रहा है। यह गैर कानूनी है।

सीमित एंबुलेंस और डेडबॉडी वैन होने की वजह से कुछ लोग मरीजों के परिजनों की बेबसी का फायदा उठा रहे हैं। बताया तो यहां तक जा रहा है कि लूट का यह गोरखधंधा लंबे समय से अंजाम दिया जा रहा है लेकिन कार्रवाई कौन करे।

रसीद जरूर लें, शिकायत है तो 94181-89900 पर बताएं

Even the dead into a financial driver in igmc shimla.

अस्पताल प्रबंधन ने आम जनता से आग्रह किया है कि जब वह एंबुलेंस किराये पर लेते हैं तो उस समय गाड़ी का मीटर जांच लें, उसे अपने पास लिख कर रख लें, जब गंतव्य तक पहुंचे तो उसी हिसाब से किराया दें। रसीद जरूर ले अगर ज्यादा पैसा लिया है तो इसकी शिकायत तुरंत मोबाइल नंबर- 9418189900 पर करें।

वॉशिंग का पैसा नहीं लिया जा सकता है: डा. रमेश
आईजीएमसी के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डा. रमेश ने कहा कि सरकारी दर 10 रुपये प्रति किलोमीटर है, वाशिंग के पैसे नहीं लिए जाते हैं। ऐसी शिकायतें आई हैं कि ओवरचार्जिंग की गई है और वाशिंग के पैसे भी लिए गए हैं। ऐसे एंबुलेंस संचालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।

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