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Shimla News: संपत्ति पर अधिकार मिलने पर भी हक के लिए लड़ रहीं हैं महिलाएं

Tue, 24 Feb 2026 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 24 Feb 2026 11:59 PM IST
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Even after getting property rights, women are fighting for their rights.
एकल नारी संगठन की बैठक में महिलाओं ने सुनाई आपबीती, महिला आयोग की अध्यक्ष ने दिया हर संभव मदद का आश्वासन
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हकों में रोड़ बन रहा मायका और ससुराल पक्ष
दीक्षा सरोय
शिमला। आजादी के सालों बाद महिलाओं को कानून संपत्ति पर अधिकार तो मिला लेकिन आज भी प्रदेश में हजारों ऐसी महिलाएं हैं जिन्हें यह अधिकार पाने के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है। कई जगह पर महिलाओं के पास जमीन का मालिकाना हक होने के बावजूद भी उन्हें इस जमीन का इस्तेमाल करने का हक नहीं है। कहीं ससुराल पक्ष तो कहीं मायका पक्ष महिलाओं के अधिकारों के रास्ते में रोड़ा बन रहा है।

यह बात मंगलवार को कालीबाड़ी हॉल में एकल नारी शक्ति संगठन की बैठक में वक्ताओं ने कही। राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष विद्या नेगी और एसडीएम ओशिन शर्मा ने कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। बैठक में मौजूद महिलाओं ने बताया कि कैसे उन्हें न तो अपने मायके और न ही ससुराल में किसी भी जमीन पर हक मिलता है। बैठक में कई महिलाओं ने बताया कि पति की मौत या लापता होने के बाद उन्हें ससुराल पक्ष वालों ने न घर में रहने दिया न उनका हक उन्हें दिया जा रहा है।
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राज्य महिला आयोग की अध्यक्षा विद्या नेगी ने कहा कि महिलाओं का सशक्तीकरण उनको अधिकारों के प्रति जागरुक करना और उनकी हर तरह से सुरक्षा करना आयोग की प्राथमिकता है। बोलीं एकल नारी शक्ति संगठन महिलाओं हर प्रकार से जागरुक करने के साथ एकल महिलाओं का सहयोग भी कर रहा है यह सराहनीय है।
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संगठन से जुड़ी हैं 20 हजार से अधिक महिलाएं
एकल नारी शक्ति संगठन की प्रदेश अध्यक्ष निर्मल चंदेल ने कहा कि संगठन 20 सालों से एकल महिलाओं को सामाजिक, आर्थिक सहयोग करने और उन्हें सरकारी योजनाओं के साथ जोड़ने का कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि उनके साथ विधवा, परित्यागता, पति लापता, तलाकशुदा, पति जेल में हो, पति साधु बन जाए, अविवाहित, ट्रांसजेंडर और सफाई कर्मचारी सहित ग्यारह श्रेणियों की महिलाएं जुड़ी हैं। इन महिलाओं की संख्या 20,870 है।



अध्यक्ष ने दिया हर संभव सहयोग का आश्वासन
सिरमौर के नाहन से आई कमला देवी ने कहा कि उनके पति की मौत के बाद उनके पास संपत्ति का मलिकाना हक है लेकिन उन्हें वहां जाने का हक नहीं है। इस पर आयोग की अध्यक्षा ने उन्हें अपनी समस्या लिखित रूप से देने को कहा और सहयोग करने की बात कही। शिमला की कांता ठाकुर ने अपने पारिवारिक विवाद की समस्या आयोग अध्यक्ष के समक्ष रखी। इस पर आयोग की अध्यक्ष ने उन्हें कानूनों के बारे में जानकारी दी।
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