वाहवाही लूटने की जल्दबाजी में करवा दी 112 सिस्टम की लांचिंग
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केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह के हाथों उद्घाटन करा इमरजेंसी रिस्पांस सपोर्ट सिस्टम (ईआरएसएस) 112 शुरू करने वाले हिमाचल ने सिस्टम को ही मजाक बना दिया।
ईआरएसएस 112 को हिमाचल ने लांच तो कर दिया लेकिन डेढ़ महीने बाद भी इस सिस्टम में त्वरित सहायता दिलाने के लिए होने वाली आधुनिक उपकरणों से लैस गाड़ियों की ही खरीद नहीं हो पाई है।
भले ही हिमाचल सरकार ने नया इमरजेंसी सपोर्ट सिस्टम लागू करने का दावा तो कर दिया हो लेकिन 112 का पूरा काम अभी भी पुराने ढर्रे पर ही हो रहा है। 28 नवंबर को मंडी में गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने हिमाचल में आधिकारिक रूप से 112 की लांचिंग की।
इस दौरान मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से लेकन मुख्यमंत्री, पुलिस और शासन के आला अधिकारी मौजूद रहे। दावा किया गया कि हिमाचल पहला राज्य है जो 112 को लांच कर रहा है।
तेरह वाहनों की खरीद ही नहीं की गई
लेकिन हिमाचल सरकार ने सिर्फ वाहवाही लूटने के चक्कर में अधूरी तैयारी के बीच ही यह लांचिंग कर दी। दरअसल, इस सिस्टम के लिए एक कंट्रोल रूप बनाया जाना था जिसमें पुलिस, अग्निशमन और एंबुलेंस जैसी इमरजेंसी सेवाओं के संबंध में शिकायत दर्ज की जाती।
पहले चरण में सिर्फ पुलिस को इस सेवा से जोड़ते हुए लांचिंग की तैयारी की गई। लेकिन पुलिस के हर जिले के लिए होने वाली तेरह वाहनों की खरीद ही नहीं की गई।
इन वाहनों में जीपीएस डिवाइस लगे होने थे जिससे गाड़ी की लोकेशन और शिकायत पहुंचने के बाद गाड़ी के शिकायतकर्ता के पास पहुंचने तक कंट्रोल रूम की नजर रहती।
लेकिन हाल यह है कि पुराने पुलिसिंग तंत्र के बूते ही 112 लागू किया जा रहा है। अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह मनोज कुमार से जब इस संबंध में संपर्क करने का प्रयास किए गया तो उन्होंने बात नहीं की।