उतरी भारत पर मंडराया बड़ा बिजली संकट!
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सतलुज नदी में लगातार बढ़ रहे जल स्तर और सिल्ट के कारण प्रदेश की तीन बड़ी बिजली परियोजनाओं में बिजली उत्पादन ठप हो गया है। वहीं, परियोजना प्रबंधन डैम से सिल्ट निकालने में जुटा हुआ है।
लेकिन, सतलुज में बाढ़ की स्थिति पैदा न हो, इसके लिए रुक-रुक कर पानी छोड़ा जा रहा है। वहीं, 2500 से अधिक मेगावाट बिजली उत्पादन न होने से उत्तरी भारत के नौ राज्यों में बिजली संकट गहरा सकता है।
जानकारी के अनुसार कड़छम वांगतू परियोजना के डैम में सिल्ट पांच हजार पीपीएम हो गई थी। जिस कारण फ्लैशिंग के लिए डैम से पानी छोड़ा गया है। इससे 1000 मेगावाट के बिजली प्रोजेक्ट में उत्पादन ठप है।
नाथपा झाकड़ी रामपुर प्रोजेक्ट भी ठप
वहीं, नाथपा झाकड़ी बिजली प्रोजेक्ट में भी नाथपा डैम की सफाई के लिए पानी छोड़ा गया है। इससे 1500 मेगावाट नाथपा झाकड़ी और 412 मेगावाट रामपुर बिजली प्रोजेक्ट में भी उत्पादन ठप है।
हालांकि, यह एक रूटीन कार्य है, लेकिन इससे उत्तरी भारत में बिजली संकट खड़ा हो सकता है। उक्त बिजली परियोजनाओं में 24 घंटे तक उत्पादन ठप रहेगा। इन बिजली परियोजनाओं से दिल्ली, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, जम्मू एवं कश्मीर, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़ और उत्तराखंड को बिजली की आपूर्ति की जाती है।
नाथपा झाकड़ी बिजली परियोजना के महाप्रबंधक संजीव सूद का कहना है कि डैम की रूटीन सफाई के चलते बुधवार सुबह बिजली उत्पादन बंद है। वीरवार सुबह तक बिजली उत्पादन शुरू होने की संभावना है।