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Himachal: बिजली बोर्ड कर्मियों व पेंशनरों ने सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा, प्रदेश भर में प्रदर्शन

Mon, 28 Oct 2024 04:24 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला/धर्मशाला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला/धर्मशाला Published by: Krishan Singh Updated Mon, 28 Oct 2024 04:24 PM IST
सार

बिजली बोर्ड के इंजीनियरों और कर्मचारियों के संयुक्त मोर्चा की अगुवाई में प्रदेश भर में कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन हुए।  

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Electricity board employees and pensioners opened a front against the govt, roared in Dharamshala
शिमला में बिजली बोर्ड कर्मियों का धरना। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राज्य बिजली बोर्ड के कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ संघर्ष तेज कर दिया है।  संयुक्त मोर्चा की अगुवाई में बिजली बोर्ड कर्मचारी, अभियंता व पेंशनरों ने पूरे प्रदेश भर में कार्यालयों के बाहर मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। शिमला में बोर्ड मुख्यालय कुमार हाउस में सैकड़ों कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर रोष व्यक्त किया। इस अवसर पर संयुक्त मोर्चा  के संयोजक ई. लोकेश ठाकुर के अतिरिक्त हीरा लाल वर्मा, पेंशनर फोरम से टीआर गुप्ता व संयुक्त मोर्चा के पूर्व संयोजक ई. सुनिल ग्रोवर भी उपस्थित रहे और अपने विचार रखे। इस अवसर पर संयुक्त मोर्चा के अध्यक्ष लोकेश ठाकुर ने कहा कि दिवाली महोत्सव को देखते हुए आंदोलन कुछ दिन के लिए टाला गया है और सरकार को 15 दिन का और समय दिया गया है। यदि इस बीच सरकार इन मुद्दों का कोई समाधान नहीं करती तो फ्रंट एक बड़े एलान की ओर आगे बढ़ेगा, जिसकी दिवाली के बाद अधिसूचित कर दी जाएगी।

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धर्मशाला के अंतर्गत कार्यरत सभी कर्मचारियों वपेंशनर प्रदर्शन में शामिल हुए। कर्मचारियों की मांग है कि 16 अक्तूबर 2024 को जारी अधिसूचना में समाप्त किए गए इंजीनियरिंग वर्ग के सभी 51 पदों को बहाल किया जाए। एचपीएसईबीएल की विभिन्न इकाइयों में पिछले 10-12 वर्षों से ड्राइवर के पद पर कार्यरत 81 आउटसोर्स कर्मियों की छंटनी के आदेश वापस लिए जाए, बिजली बोर्ड बिना किसी देरी के पुरानी पेंशन प्रणाली लागू करना, सरकार के बीच निष्पादित एचपीएसईबी स्थानांतरण योजना, 2010 से जुड़े द्विपक्षीय समझौते के प्रावधानों का पालन किया जाए। एचपी सरकार और एचपीएसईबीएल के कर्मचारियों और इंजीनियरों के संयुक्त मोर्चे के परामर्श के बिना किसी भी संपत्ति  को अन्य इकाई में स्थानांतरित नहीं किया जाएगा।  एचपीएसईबीएल की सेवा समिति द्वारा पहले से ही अनुमोदित टी/मेट के 1030 पदों के लिए चयन प्रक्रिया शुरू करना और एचपीएसईबीएल में रिक्त पड़े पदों पर भर्ती करना। सातवें वेतन आयोग के परिणामस्वरूप कर्मचारियों/पेंशनरों को पेंशन व वेतन का बकाया दिया जाए।
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