ढाई घंटे पीठ पर उठाकर सड़क तक पहुंचाया बुजुर्ग मरीज, सड़क सुविधा न होने से परेशानी झेल रहे ग्रामीण
सड़कों का जाल बिछाने के सरकारी दावे सिरमौर के गांवों में धराशायी हो रहे हैं। सड़क के अभाव में कई गांवों में लोगों की जिंदगी दांव पर लग रही है। सोमवार तड़के भी एक ऐसी ही घटना सामने आई। संगड़ाह के कुणा गांव के बुजुर्ग बली राम (60) की अचानक तबीयत खराब हो गई। ग्रामीण सुबह करीब चार बजे बुजुर्ग को पीठ पर उठाकर अस्पताल के लिए निकले। करीब ढाई घंटे खड़ी चढ़ाई चढ़ने के बाद बुजुर्ग को सड़क तक पहुंचाया गया। इसके बाद बुजुर्ग को संगड़ाह अस्पताल लाया गया। यहां से उन्हें नाहन मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। ग्रामीणों ने इसका वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल किया है। इसमें सरकार की व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं। सिरमौर जिले के कई ऐसे गांव हैं, जहां सड़क सुविधा नहीं है।
कुछ महीने पहले भी गांव की ही एक गर्भवती महिला को रात के अंधेरे में अस्पताल लाया था। गांव के वीरेंद्र कुमार ने बताया कि उनके पिता की तबीयत बिगड़ी थी। ग्रामीणों की सहायता से उन्हें अस्पताल लाया गया। कहा कि सड़क सुविधा न होने से बीमारी की स्थिति में लोगों की जिंदगी खतरे में पड़ जाती है। वीरेंद्र कुमार, वेद प्रकाश, नितिश शर्मा, जयराम शर्मा, ट्विंकल शर्मा और जगदीश शर्मा ने बताया कि वर्ष 2016 में बड़ोल से चनौती तक सड़क का कार्य शुरू हुआ था। नाबार्ड के माध्यम से बन रही इस सड़क की कटिंग के बाद काम रुक गया। उधर, लोनिवि के अधिशासी अभियंता रत्न शर्मा ने बताया कि ठेकेदार को 19.50 लाख का जुर्माना किया है। चीफ इंजीनियर के साथ हुई बैठक के बाद वह पुन: काम करने को राजी हो गया है। जल्द सड़क का कार्य शुरू हो जाएगा।