सरकार ने बदले आठ जिलों के SP, इन पर पर गिरी होशियार केस की गाज
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प्रदेश सरकार ने आठ जिलों के एसपी बदल दिए हैं। आईजी शिमला, एसपी शिमला और एसपी किन्नौर के तबादले के बाद अब सरकार ने पूरे प्रदेश में ही पुलिस का चेहरा बदलने की कवायद की है। बहुचर्चित होशियार सिंह केस के बाद एसपी मंडी प्रेम ठाकुर को पुलिस मुख्यालय बुला लिया गया है।
प्रेम ठाकुर की जगह अब एसपी सीआईडी रहे अशोक कुमार को कमान सौंपी गई है। एसपी कांगड़ा संजीव गांधी को एसपी बद्दी तैनात किया गया है जबकि विजिलेंस में रहे एसपी रमेश छाजटा को कांगड़ा भेजा गया है। 31 जुलाई को एसपी बद्दी के रिटायर होने के बाद ही संजीव गांधी और रमेश छाजटा ज्वाइन करेंगे
अंजुम आरा को एसपी क्राइम का जिम्मा
एसपी ऊना अनुपम शर्मा को कमांडेंट होमगार्ड हमीरपुर, एसपी विजिलेंस मोहित चावला को एसपी सोलन, शुभ्रा तिवारी को एआईजी पुलिस मुख्यालय, एसपी लाहौल स्पीति रमन कुमार मीणा को एसपी हमीरपुर, एसपी सोलन रहीं अंजुम आरा को एसपी क्राइम,
कमांडेंट जुन्गा शालिनी अग्निहोत्री को एसपी कुल्लू, एएसपी कांगड़ा गौरव सिंह को एसपी लाहौल स्पीति, एसपी हमीरपुर अजय बोध को एसपी ऊना और एसपी कुल्लू पदम चंद को कमांडेंट जुन्गा तैनात किया गया है। सभी की तैनाती के लिए मुख्य सचिव की ओर से अधिसूचना जारी कर दी गई है।
चुनावी लहर से एन पहले इमेज बदलने में जुटी वीरभद्र सरकार
गुड़िया प्रकरण के बाद गिरी साख बचाने को वीरभद्र सरकार अपनी इमेज बदलने में जुट गई है। इसी क्रम में पहले एक आईजी और दो एसपी के तबादले किए और अब हफ्ते के भीतर ही आठ और जिलों के कप्तान बदल दिए हैं। सरकार की कोशिश है कि जिस तरह गुड़िया प्रकरण को एक मुद्दा बनाकर भाजपा ने सरकार पर दबाव बनाया है, उसे आगे न बढ़ने दिया जाए।
इसी वजह से सरकार ने अपनी समझ में सबसे बेहतर तथा खास अफसरों को तैनात किया है। हालांकि, एक बार फिर कप्तानों के चयन में एचपीएस अफसरों पर मेहरबानी दिखी है। प्रदेश में अगले तीन महीने में कभी भी विधानसभा चुनाव घोषित हो सकते हैं। सरकार को यही चिंता सता रही है कि कहीं कानून व्यवस्था चुनाव तक बड़ा सियासी मुद्दा न बन जाए।
यही कारण है कि अच्छे अफसरों के जरिये बेहतर कानून व्यवस्था दिखाकर सरकार विपक्ष को कोई मौका नहीं देना चाह रही। सूत्रों की मानें तो काफी समय से तबादलों की चर्चा चल रही थी, लेकिन हाल में एक के बाद एक बड़ी घटनाएं होने और चुनाव के नजदीक पुलिस विफलता सामने आने से सरकार परेशान हैं।
सूत्रों का यह भी कहना है हाल में सरकार के नजदीकी रहे कई जिलों के कप्तानों को हटाकर सरकार ने पब्लिक को पुलिस को फ्री हैंड देने का संदेश देने का प्रयास किया है। सरकार यह किसी कीमत पर नहीं चाह रही कि एन चुनाव से पहले कोई घटना सरकार के लिए बड़ी मुसीबत बन जाए।