हिंदी में काम करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को मिला सम्मान
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भाषा एवं संस्कृति विभाग की ओर से शुक्रवार को ऐतिहासिक गेयटी थियेटर में राज्य स्तरीय हिंदी दिवस समारोह आयोजित किया गया। समारोह में विभाग की ओर से हिंदी में उत्कृष्ट कार्य करने वाले विद्यार्थियों और अधिकारियों को राजभाषा पुरस्कार से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा एवं कानून मंत्री सुरेश भारद्वाज ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत कर कार्यक्रम की शुरुआत की।
मंत्री सुरेश भारद्वाज ने इस अवसर पर पुरस्कार प्राप्त बच्चों, अधिकारियों और कर्मचारियों को हिंदी दिवस पर बधाई देते हुए कहा संपूर्ण विश्व में सब भाषाओं पर नजर दोहराते हैं तो सबसे ज्यादा भाषाएं संस्कृत से ही बनी हैं। इसी तरह हिंदी भी संस्कृत से बनी है।
हिंदी पूरे भारत में जन-जन की भाषा है। 1949 को आज के दिन संविधान सभा ने हिंदी को राजभाषा का दर्जा दिलवाया, लेकिन किन्हीं कारणों से आज भी राजभाषा पूरी तरह से लागू नहीं हो पाई। इस अवसर पर मुख्यातिथि ने विभाग की ओर से प्रकाशित हिंदी स्मारिका राजभाषा विविधा का विमोचन भी किया।
भाषा एवं संस्कृति विभाग की सचिव डॉ. पूर्णिमा चौहान ने कहा कि प्रदेश में हिंदी एक सशक्त भाषा के रूप में प्रचलित है। जनहित की योजनाओं और नीतियों को प्रदेश वासियों तक पहुंचाने के लिए हिमाचल सरकार ने वर्ष 1978 से राजकीय कार्य हिंदी में किए जाने का संकल्प लिया है।
विभाग के निदेशक राकेश कोरला ने राजभाषा पखवाड़ा के तहत आयोजित समस्त कार्यक्रमों पर विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम में राजभाषा पुरस्कार वितरण समारोह में अंतर विद्यालय और अंतर महाविद्यालय प्रतियोगिताओं में अव्वल रहें प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
भाषण प्रतियोगिता में चंबा की नेहा प्रथम
अंतर विद्यालय हिंदी भाषण प्रतियोगिता में डीएवी पब्लिक स्कूल चंबा की नेहा कुमारी और नेहा ने प्रथम स्थान हासिल किया। मंडी के एंग्लो संस्कृत मॉडल स्कूल की आंचल ठाकुर और सुंदरनगर की तमन्ना सेन ने दूसरा, जबकि कांगड़ा के दयानंद स्कूल की श्रेया पंडित और सकोह स्कूल के दीपक को तीसरे स्थान रहने पर सम्मानित किया गया।
निबंध लेखन प्रतियोगिता में हमीरपुर के द मैगनेट पब्लिक स्कूल की साक्षी आनंद और साहिल ठाकुर ने पहला, कुल्लू के भारत भारती ढालपुर स्कूल की समृद्धि और रायसन स्कूल की किरण ठाकुर ने दूसरा, जबकि कांगड़ा के सकोह स्कूल की कोमल और प्रीति ने तीसरा स्थान पाया।
हिंदी प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में बिलासपुर के कंदरौर स्कूल की शिल्पा और अनामिका प्रथम, मंडी के सुंदरनगर स्कूल की लता देवी और किंग जॉर्ज रॉयल पब्लिक स्कूल नेरचौक की मुस्कान शर्मा दूसरे स्थान पर रही। चंबा स्कूल की सिमरन और राइजिंग स्टार पब्लिक स्कूल की दीया बिजलवान ने तीसरा स्थान हासिल किया।
प्रश्नोत्तरी में करसोग कॉलेज के जितेंद्र और दीपा अव्वल
अंतर महाविद्यालय हिंदी प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में मंडी के करसोग कॉलेज के जितेंद्र और दीपा को प्रथम, कुल्लू के बंजार की मनीषा ठाकुर और हीना कुमारी को द्वितीय, शिमला के सुन्नी की मनीषा और डिंपल को तीसरा स्थान हासिल किया।
निबंध लेखन में सोलन के कंडाघाट स्कूल की आभा शर्मा और आरती प्रथम, हमीरपुर के बड़सर स्कूल की परीक्षा कुमारी और पायल धीमान दूसरे, जबकि एचपीयू विधि विभाग के विजय लक्ष्मी और मनिंद्र चौहान ने तीसरा स्थान पाया।
भाषण प्रतियोगिता में एचपीयू विधि विभाग के अभिषेक राणा और समीक्षा शर्मा पहले, बिलासपुर के गौरव शर्मा और निशा देवी दूसरे, सुन्नी की नीतिका और रवीना तीसरे, जबकि कविता पाठ प्रतियोगिता में सुनी की रुचिका शर्मा पहले, कांगड़ा की मुस्कान कटोच दूसरे और कुल्लू की गीतांजलि ने तीसरा स्थान हासिल किया।
वहीं, कविता लेखन प्रतियोगिता में सिरमौर के भरली की मोनिका चौहान प्रथम, कांगड़ा के डीएवी कॉलेज की प्रीति चौहान दूसरे और कुल्लू के बंजार की शशि किरण ने तीसरा स्थान हासिल किया। पांचों प्रतियोगिताओं के समग्र आकलन के आधार पर सचल वैजयंती पुरस्कार एचपीयू को दिया गया।