Himachal Pradesh: रोहित ठाकुर बोले- शीतकालीन स्कूलों को बंद रखने या खोलने का एसडीएम लेंगे फैसला
शीतकालीन स्कूलों को बंद या खोलने का फैसला उपमंडल अधिकारी लेंगे। प्रदेश सरकार ने स्थानीय स्तर पर स्थितियों को देखते हुए यह निर्णय लेने का अधिकार दिया है। प्रदेश के जिन उपमंडलों में हालात ठीक हैं, वहां के स्कूलों में मंगलवार से नियमित तौर पर कक्षाएं शुरू होंगी।
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हिमाचल प्रदेश में शीतकालीन स्कूलों को बंद या खोलने का फैसला उपमंडल अधिकारी लेंगे। प्रदेश सरकार ने स्थानीय स्तर पर स्थितियों को देखते हुए यह निर्णय लेने का अधिकार दिया है। प्रदेश के जिन उपमंडलों में हालात ठीक हैं, वहां के स्कूलों में मंगलवार से नियमित तौर पर कक्षाएं शुरू होंगी। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने बताया कि भारी बारिश, बादल फटने और बाढ़ की स्थिति को देखते हुए सरकार ने 17 जुलाई तक शीतकालीन स्कूलों को बंद रखा है। अब उपमंडल स्तर पर स्थिति को देखते हुए स्कूल खोले जाएंगे। उपमंडल अधिकारी इस बाबत जिला उपनिदेशकों से चर्चा कर फैसला लेंगे।
राज्य सचिवालय में पत्रकारों से बातचीत में शिक्षा मंत्री ने बताया कि शिक्षा विभाग को प्रदेश में जारी बारिश से अभी तक करीब 80 करोड़ का नुकसान हो चुका है। जिन क्षेत्रों में स्कूल-कॉलेजों के भवनों को क्षति पहुंची है, वहां के लिए जल्द पैसा जारी किया जाएगा। मरम्मत और नए निर्माण कार्य जल्द किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मानसून सीजन के दौरान अभी तक 4419 करोड़ का नुकसान हो चुका है। 24 जून से अभी तक 117 लोगों की जान गई है। जिलों से शिक्षण संस्थानों को हुए नुकसान की रिपोर्ट रोजाना प्राप्त हो रही है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि इस संकट की घड़ी में सभी लोगों को एहतियात बरतनी चाहिए। नदी-नालों से लोगों को दूर रहना चाहिए।
प्रारंभिक स्कूलों में खेलों का शेड्यूल बदला
प्रदेश में जारी भारी बारिश को देखते हुए शिक्षा विभाग ने प्रारंभिक स्कूलों में खेलों का शेड्यूल बदल दिया है। अंडर 14 आयु वर्ग की यह खेल प्रतियोगिताएं पहले जुलाई-अगस्त में होती थी। शिक्षा विभाग ने इन खेलों का आयोजन अब सितंबर से नवंबर तक करवाने का फैसला लिया है।