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शिक्षा विभाग हिमाचल: वित्तीय अनियमितताओं में फंसे दो उत्कृष्ट विद्यालयों के प्रिंसिपल

Sat, 18 Dec 2021 07:37 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Sat, 18 Dec 2021 07:37 PM IST
सार

वर्ष 2020 में सरकार ने स्वर्ण जयंती उत्कृष्ट विद्यालय योजना के तहत सभी 68 विधानसभा क्षेत्रों में एक-एक स्कूल को उत्कृष्ट विद्यालय बनाने के लिए 44-44 लाख रुपये का बजट जारी किया था। इसके तहत स्कूलों में विभिन्न उपकरणों, फर्नीचर की खरीद और भवन निर्माण पर पैसा खर्च होना था। बड़सर और झंडूता विधानसभा क्षेत्र के तहत आने वाले दो स्कूलों में हुई खरीद विवादों के घेरे में आ गई है। 

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Education Department Himachal: Principals of two excellent schools stuck in financial irregularities
जांच(सांकेतिक) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश में उत्कृष्ट राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों के दो प्रिंसिपल वित्तीय अनियमितताओं के मामले में फंस गए हैं। जिला हमीरपुर के महारल और बिलासपुर के शाहतलाई स्कूल में स्कूल के सामान की खरीद के लिए नियमों का पालन नहीं हुआ है। महारल स्कूल की जांच जिला उपनिदेशक शिक्षा कर रहे हैं, जबकि शाहतलाई स्कूल के मामले की जांच विजिलेंस के पास है। वर्ष 2020 में सरकार ने स्वर्ण जयंती उत्कृष्ट विद्यालय योजना के तहत सभी 68 विधानसभा क्षेत्रों में एक-एक स्कूल को उत्कृष्ट विद्यालय बनाने के लिए 44-44 लाख रुपये का बजट जारी किया था। इसके तहत स्कूलों में विभिन्न उपकरणों, फर्नीचर की खरीद और भवन निर्माण पर पैसा खर्च होना था। बड़सर और झंडूता विधानसभा क्षेत्र के तहत आने वाले दो स्कूलों में हुई खरीद विवादों के घेरे में आ गई है।

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दोनों स्कूलों के प्रभारियों पर सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप है। खरीद के बिल व अन्य कागजात संदेह के घेरे में हैं। शाहतलाई स्कूल के मामले की जांच में पाया गया है कि इस स्कूल में जो खेल के सामान की खरीद हुई है, वह निर्धारित मूल्यों से ज्यादा है। इस मामले की शिकायत किसी अज्ञात व्यक्ति ने विजिलेंस को दी थी। इसी तरह के एक मामले में सिरमौर के एक स्कूल के प्रिंसिपल को चार्जशीट भी किया जा चुका है। शिक्षा सचिव राजीव शर्मा ने बताया कि दोनों मामलों की जांच पूरी होने के बाद सरकार के आदेशानुसार आगामी कार्रवाई की जाएगी।
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प्राइमरी स्कूलों ने किया उम्मीद से ज्यादा काम
प्राइमरी स्कूलों को इस योजना के तहत 15-15 लाख रुपये का बजट जारी हुआ है। कांगड़ा के रानीताल और हमीरपुर के जलाड़ी स्कूल ने इस बजट का अच्छे तरीके से इस्तेमाल किया है। यहां स्कूलों को शानदार तरीके से सजाया गया है। बच्चों को पढ़ाने के लिए इंटरेक्टिव पैनल भी लगाए गए हैं। शिक्षा सचिव ने बीते दिनों स्वयं इन स्कूलों का दौरा भी किया है।

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