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फर्जी डिग्री मामला: हिमाचल में एमबीयू की 194.17 करोड़ की संपत्ति अटैच

Fri, 29 Jan 2021 07:56 PM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Fri, 29 Jan 2021 07:56 PM IST
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ED attaches property worth 194 crore of Manav Bharti Charitable Trust
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) - फोटो : अमर उजाला

बहुचर्चित फर्जी डिग्री मामले में फंसी हिमाचल प्रदेश के सोलन में स्थित मानव भारती यूनिवर्सिटी (एमबीयू) के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने विश्वविद्यालय का संचालन करने वाले मानव भारती चैरिटेबिल ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं फर्जी डिग्री मामले के मुख्य आरोपी राजकुमार राणा और उनके परिजनों के नाम हिमाचल प्रदेश और राजस्थान में मौजूद 194.17 करोड़ रुपये कीमत की चल-अचल संपत्तियां अटैच कर ली हैं। ट्रस्ट मानव भारतीय विश्वविद्यालय के अलावा राजस्थान में माधव विश्वविद्यालय का संचालन करता है। ईडी ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है।

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 सूत्रों के अनुसार अटैच की गई संपत्तियों में राणा और उनके परिवार के सदस्यों के नाम दर्ज करीब 186 करोड़ रुपये की जमीनों, रिहायशी घरों और व्यावसायिक भवनों के अलावा 7.72 करोड़ रुपये की छह एफडी भी शामिल हैं। यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लांड्रिंग एक्ट के तहत की गई है। हिमाचल प्रदेश पुलिस ने मामले में सोलन जिले में तीन एफआईआर दर्ज की थी और जांच सीआईडी के एडीजी एन वेणुगोपाल की अध्यक्षता वाली 19 सदस्यीय एसआईटी कर रही है। इसमें पहली बार प्रवर्तन निदेशालय और इनकम टैक्स के अधिकारी भी शामिल हुए हैं। इसी मामले में ईडी ने सितंबर में इंफोर्समेंट केस इन्फॉरमेशन रिपोर्ट (ईसीआईआर) दर्ज कर नियमित जांच शुरू कर दी थी। हाल ही में ईडी ने हिमाचल प्रदेश और राजस्थान में प्रशासन से संपत्तियों का ब्योरा मांगा था। ब्योरा मिलने के बाद अब प्रवर्तन निदेशालय ने कार्रवाई की है।
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45 हजार से ज्यादा डिग्रियों के मिल चुके हैं सुबूत
एडीजी सीआईडी एन वेणुगोपाल की अध्यक्षता में गठित संयुक्त एसआईटी को अब तक की जांच में 45 हजार से ज्यादा फर्जी डिग्रियां बेचे जाने के सुबूत मिल चुके हैं। अनुमान है कि करीब 95 हजार डिग्रियों को फर्जी तरीके से एक से तीन लाख रुपये तक में बेचा गया। चूंकि जांच की अहम कड़ी के रूप में जांच टीम अभी तक उन सभी एजेंटों तक नहीं पहुंच सकी है, जिनकी मदद से डिग्रियों के खरीदारों को तलाशा जाता था। ऐसे में जांच टीम अभी भी लो प्रोफाइल रहकर केवल उन एजेंटों तक पहुंचने की कोशिश में जुटी है। बता दें कि अभी तक मामले में करनाल निवासी राजकुमार राणा के अलावा कुल्लू निवासी अनुपमा ठाकुर, पंजाब निवासी मुनीष गोयल, पश्चिम बंगाल निवासी कृष्ण कुमार, करनाल निवासी प्रमोद कुमार, दिल्ली के केवल शर्मा और जम्मू के रहने वाले एजेंट मनु सिंह को गिरफ्तार किया जा चुका है।
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