हिमाचल में भूकंप के चार झटके, घरों से बाहर निकले लोग
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हिमाचल में मंगलवार को पहले दोपहर और फिर रात को भूकंप के झटके लगे। दोपहर को भूकंप के तीन और रात को एक झटका महसूस किया गया। डर के मारे लोग घरों से बाहर निकल आए। लाहौल- स्पीति के जिला मुख्यालय केलांग में फागली उत्सव मना रहे लोगों में दहशत फैल गई।
बर्फबारी के बीच कुछ देर के लिए लोग कामकाज छोड़ सुरक्षित स्थानों में पहुंच गए। लोगों में अफरातफरी मच गई। रिक्टर पैमाने पर 3.2 की तीव्रता से 3:51 बजे आए भूकंप का केंद्र चंबा में जमीन से पांच किलोमीटर नीचे रहा। शाम को आए भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 3.8 मापी गई। भूकंप का केंद्र मंडी जिले में 15 किलोमीटर जमीन के अंदर था।
भरमौर, पांगी, मनाली और आस पास के इलाकों में ज्यादा दहशत रही। हालांकि, जानमाल के नुकसान की कोई सूचना नहीं है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक डॉ. मनमोहन सिंह के अनुसार चंबा की पहाड़ी रेंज से सटे ऊपरी इलाकों में भूकंप का ज्यादा असर देखने को मिला।
भूकंप से बढ़ जाता है हिमस्खलन का खतरा
यह क्षेत्र भूकंप के लिहाज से संवेदनशील जोन पांच में आता है। उदयपुर निवासी अशोक ने बताया कि कुछ देर के लिए लोग दहशत में रहे। एसडीएम मनाली रमन घरसंगी ने कहा कि भूकंप से कोई नुकसान नहीं हुआ है। वहीं, मनाली, लाहौल सहित आसपास के इलाकों में 7:30 पर फिर भूकंप आया।
सूबे में भूकंप के झटके बर्फ से लकदक ऊंचे क्षेत्रों में ज्यादा महसूस किए गए। विशेषज्ञ बताते हैं कि इन झटकों से हिमस्खलन का खतरा बढ़ जाता है। जमीन हिलने से हिमखंड गिरने का खतरा रहता है। जिला प्रशासन ने लोगों से संवेदनशील क्षेत्रों में न जाने की हिदायत दी है।