दशहरा उत्सव: हिमाचल में धू-धू कर जली बुराई, शिमला में सीएम ने बटन दबाकर किया रावण के पुतले का दहन
शिमला के ऐतिहासिक जाखू मंदिर में शाम 6:15 मिनट पर रावण का पुतला फूंका गया। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। उन्होंने रिमोट का बटन दबाकर रावण के पुतले को फूंका।
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हिमाचल प्रदेश में विजयदशमी पर अच्छाई पर बुराई के प्रतीक दशहरा उत्सव को धूमधाम से मनाया गया। शिमला के ऐतिहासिक जाखू मंदिर में शाम 6:15 मिनट पर रावण का पुतला फूंका गया। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। उन्होंने रिमोट का बटन दबाकर रावण के पुतले को फूंका। इसके बाद परिसर में मौजूद लोगों ने कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों में भी आग लगाई। दो मिनट के भीतर सभी पुतले जलकर राख हो गए।
दशहरा के उत्सव पर शाम चार बजे से ही जाखू मंदिर में रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन देखने के लिए लोगों की भीड़ जुटना शुरू हो गई थी।
कोरोना बंदिशों के बाद लोग भारी संख्या में बिना मास्क के दशहरा देखने आए थे। मंदिर में दर्शन के बाद ठंड के बीच लोग लाइनों में खड़े हो गए थे। लेकिन मुख्यमंत्री के कुल्लू से आने का इंतजार किया जा रहा था। मुख्यमंत्री जैसे ही मंदिर आए तो उन्होंने मंदिर में माथा टेका और विशेष पूजा अर्चना की। इसके बाद उन्होंने रिमोट का बटन दबाकर बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया। इस बीच परिसर जय श्री राम के नारों से गूंज गया। मंदिर न्यास की ओर सीएम को सम्मानित भी किया गया। इस अवसर पर उपायुक्त आदित्य नेगी, पुलिस अधीक्षक डॉ. मोनिका भुटूंगरु समेत अन्य लोग यहां मौजूद रहे।
पीएम कुल्लू दशहरे की रथयात्रा में पहली बार हुए शामिल: सीएम जयराम
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने दशहरे उत्सव पर मीडिया से बात करते हुए बताया कि पूरे प्रदेश में विजयदशमी का उत्सव धूमधाम से मनाया जाता है। उन्होंने बताया कि इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी हिमाचल में थे। उन्होंने एम्स का उद्घाटन किया वहीं तीन और प्रोजेक्टों के शिलान्यास और उद्घाटन किए। इस अवसर पर वे कुल्लू दशहरे की रथयात्रा में लोगों के बीच मौजूद रहे।
बीसीएस में राम-रावण का युद्ध
बीसीएस में रात 7:30 बजे रावण के पुतले का दहन किया गया। वहीं संकटमोचन में शाम 6:30 बजे और स्पोर्ट्स कल्चरल एंड वेलफेयर सोसायटी समरहिल के अध्यक्ष राजीव ठाकुर ने बताया यहां पर भी तीनों पुतले 7:15 बजे फूंके गए। इस दौरान बच्चों की गेम्स भी करवाई गई।
शिवपुरी धाम समताना में दो वर्ष बाद जलाए 100-100 फीट ऊंचे के पुतले
जिलाभर में बुधवार को बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर जिलाभर में रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतले जलाए गए। जिला के प्रसिद्ध शिवपुरी धाम समताना में 100-100 फीट के पुतले जलाए गए। मंदिर में आयोजित दशहरा महोत्सव में अतिरिक्त जिलाधीश जितेंद्र सांजटा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए। इस दौरान उनके साथ एसडीएम बड़सर शशि पाल शर्मा, डीएसपी बड़सर शेर सिंह, समेत स्थानीय अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे। अतिरिक्त जिलाधीश जितेंद्र सांजटा ने रिबन काटकर दशहरा महोत्सव का शुभारंभ किया। इसके उपरांत उन्होंने मंदिर में पूजा अर्चना करके मंदिर की परिक्रमा की। शिवपुरी धाम समताना के आध्यात्मिक गुरु स्वामी शेखर सुमन ने बताया मंदिर में दो वर्षों के उपरांत इतने बड़े स्तर पर दशहरा महोत्सव का आयोजन किया गया। उन्होंने बताया बुधवार शाम छह बजे भगवान राम की कमान से निकला तीर रावण की नाभी में लगा और रावण धू-धू कर जला। इसके साथ ही मेघनाथ और कुंभकर्ण के पुतले भी जलाए गए। दशहरा महोत्सव पर हजारों की संख्या में लोग मौजूद रहे।
दशहरा उत्सव में भाग लेने के लिए शिवपुरी धाम समताना में हजारों की संख्या में श्रद्धालु गाडिय़ां लेकर पहुंचे थे। जिसके चलते पुलिस प्रशासन को ट्रैफिक व्यवस्था को सही करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। पुलिस चौकी प्रभारी बिझड़ी अनिल कुमार ने बताया कि ट्रैफिक व्यवस्था को सही बनाए रखने के लिए पुलिस टीम तैनात की गई थी और ट्रक ट्रैफिक व्यवस्था ठीक ठाक रही। उधर, नादौन में दिन के समय रामलीला के मंचन के बाद शाम को रावण दहन किया गया। जिसमें एसपी हमीरपुर डॉ आकृति शर्मा बतौर मुख्यातिथि उपस्थित रहीं। वहीं एसडीएम नादौन विजय धीमान बतौर विशेष के रूप अतिथि मौजूद रहे। जिला मुख्यालय पर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला हमीरपुर के खेल मैदान में रावण दहन हुआ। इसके अलावा सुजानपुर समेत जिलाभर में लोगों ने गांवों में रावण, मेघनाथ और कुंभकर्ण के पुतले जलाए। इसके साथ ही बच्चे राम, लक्ष्मण, सीता और हनुमान की वेशभूषा में भी नजर आए।