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Solan News: सोलन जिले में बारिश न होने से टमाटर, शिमला मिर्च समेत अन्य सब्जियां सूखे की चपेट में

Fri, 17 May 2024 07:53 PM IST
अंकेश डोगरा संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन Published by: अंकेश डोगरा Updated Fri, 17 May 2024 07:53 PM IST
सार

सोलन जिले में बारिश न होने से सब्जियां सूखे की चपेट में आ गई हैं। ऐसे में जिले की करीब पांच हजार से अधिक हैक्टेयर पर फसलों का नष्ट होने का खतरा मंडरा गया है। 
 

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Solan district tomatoes capsicum and other vegetables are in the grip of drought
सोलन में अधिक गर्मी पड़ने से मुरझाई फसल। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

सोलन जिले में बारिश न होने से टमाटर-शिमला सहित अन्य सब्जियां सूखे की चपेट में आ गई हैं। तेज धूप से शिमला मिर्च व टमाटर की फसल पूरी तरह से मुरझाना शुरू हो गई है। जिले की करीब पांच हजार से अधिक हैक्टेयर पर फसलों का नष्ट होने का खतरा मंडरा गया है। इसके अलावा गुठलीदार, सेब समेत अन्य फलों पर भी इसका असर दिखना शुरू हो गया है।

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सबसे अधिक नुकसान टमाटर और शिमला मिर्च को
बढ़ते तापमान से सब्जियां सूखकर नष्ट होने लग गई हैं। इसमें सबसे अधिक नुकसान टमाटर और शिमला मिर्च को पहुंच रहा है। जिले में 8100 हेक्टयेर भूमि पर टमाटर की खेती होती है। 90 प्रतिशत किसानों की आय का मुख्य साधन टमाटर ही है। जिले के 65 प्रतिशत किसान बारिश पर ही निर्भर है। बारिश न होने से संबंधित क्षेत्रों के किसान फसलें तबाह होने की आशंका को देखकर मायूस हो गए हैं।
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'तेज धूप के साथ टमाटर के पौधों को बीमारियों ने भी घेरा'
सिंचाई वाले क्षेत्रों में तो फिर भी रोजाना पौधों की सिंचाई हो रही है, लेकिन बारिश पर निर्भर किसानों की फसलें नष्ट होने के कगार पर आ गई है। तेज धूप से एक दिन में ही खेतों की नमी भी पूरी तरह से सूख गई है। जिस कारण इन क्षेत्रों में भी फसलें मुरझाना शुरू हो गई हैं। किसानों की माने तो तेज धूप के साथ टमाटर के पौधों को बीमारियों ने भी जकड़ लिया है। पौधों का तना काला पड़ने के बाद नष्ट हो रहा है।
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उधर, कृषि उपनिदेशक डॉ. आरसी चौधरी ने बताया कि जिले में 8100 हेक्टेयर भूमि पर टमाटर की खेती होती है, 65 फीसदी क्षेत्रों के किसान बारिश के इंतजार में हैं। इसमें टमाटर, शिमला मिर्च समेत अन्य सब्जियों को अधिक नुकसान पहुंच रहा है। शिमला मिर्च के लिए अधिक पानी की आवश्यकता होती है। समय पर बारिश न हुई तो फसलें सूख जाएंगी।

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