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Shimla News: सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर परोसा जा रहा नशा, 58 संपत्तियां चिह्नित
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पुलिस जल्द गिराएगी अवैध ढांचे, आठ महीने में दो नशा तस्करों से जुड़ी अवैध संपत्तियों पर की गई कार्रवाई
लाखों रुपये के निर्माण किए जा चुके हैं अभी तक ध्वस्त
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। जिले में राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों के किनारे सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर नशा तस्करी से जुड़ी अवैध गतिविधियां संचालित करने के मामले सामने आए हैं। पुलिस के पिछले कई महीनों से चल रहे सत्यापन अभियान के दौरान यह खुलासा हुआ है। ऐसी 58 संपत्तियां चिह्नित की हैं जिनके खिलाफ जल्द कार्रवाई होगी।
पुलिस के अनुसार सड़कों के किनारे अवैध रूप से ढाबे और रेस्तरां बनाकर वहां नशा तस्करी जैसी गतिविधियों को अंजाम दिए जाने की आशंका है। इसे देखते हुए पुलिस ने नशा तस्करी से जुड़े ऐसे अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। आठ महीनों में नशा तस्करों से जुड़ी दो अवैध संपत्तियों के खिलाफ कार्रवाई भी की गई है। एएसपी मेहर पंवार ने बताया कि इसी कड़ी में चिड़गांव-रोहड़ू मार्ग पर लंबाखाटल के पास लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की सरकारी जमीन पर किए अवैध निर्माण को ध्वस्त किया गया। पुलिस और लोक निर्माण विभाग की संयुक्त कार्रवाई में लाखों रुपये की पांच दुकानों को गिराया गया जबकि एक स्टोर को कब्जे में लिया गया।
पुलिस के अनुसार यह मामला शाही महात्मा चिट्टा तस्करी गिरोह के सरगना से जुड़ा है। पुलिस थाना कोटखाई में एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामले की समीक्षा के दौरान सरकारी जमीन पर दुकानों और एक स्टोर के निर्माण की जानकारी सामने आई। इसके बाद नियमानुसार कार्रवाई करते हुए अवैध निर्माण को ध्वस्त किया गया। इससे पहले शिमला पुलिस ने 8 अक्तूबर को रोहड़ू क्षेत्र में नशा तस्करी से जुड़े एक आरोपी के अवैध रेस्तरां को भी बुलडोजर से ध्वस्त किया था। पुलिस के मुताबिक जिले में नशा तस्करों से जुड़ी अवैध संपत्तियों और निर्माणों के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई की जा रही है। पिछले आठ महीनों में दो नशा तस्करों से जुड़ी संपत्तियों पर कार्रवाई की गई है।
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नशा तस्करों की 940 संपत्तियों का किया सत्यापन
नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई तेज करते हुए शिमला पुलिस ने तस्करों की गिरफ्तारी और मादक पदार्थों की बरामदगी के साथ उनकी अवैध संपत्तियों की पहचान पर भी ध्यान केंद्रित किया है। नशा तस्करी से अर्जित संपत्तियों का पता लगाने के लिए पुलिस ने फरवरी से सत्यापन अभियान शुरू किया है। इसके तहत अब तक 940 संपत्तियों का सत्यापन किया जा चुका है। इनमें से 58 संभावित अवैध संपत्तियों को चिह्नित किया है। इन संपत्तियों का नशा तस्करी से संबंध और उनकी वैधता जांचने के लिए आगे की प्रक्रिया जारी है। पुलिस के अनुसार जांच और नियमानुसार प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित संपत्तियों के खिलाफ ध्वस्तीकरण या कब्जे में लेने जैसी कार्रवाई की जाएगी।
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लाखों रुपये के निर्माण किए जा चुके हैं अभी तक ध्वस्त
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। जिले में राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों के किनारे सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर नशा तस्करी से जुड़ी अवैध गतिविधियां संचालित करने के मामले सामने आए हैं। पुलिस के पिछले कई महीनों से चल रहे सत्यापन अभियान के दौरान यह खुलासा हुआ है। ऐसी 58 संपत्तियां चिह्नित की हैं जिनके खिलाफ जल्द कार्रवाई होगी।
पुलिस के अनुसार सड़कों के किनारे अवैध रूप से ढाबे और रेस्तरां बनाकर वहां नशा तस्करी जैसी गतिविधियों को अंजाम दिए जाने की आशंका है। इसे देखते हुए पुलिस ने नशा तस्करी से जुड़े ऐसे अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। आठ महीनों में नशा तस्करों से जुड़ी दो अवैध संपत्तियों के खिलाफ कार्रवाई भी की गई है। एएसपी मेहर पंवार ने बताया कि इसी कड़ी में चिड़गांव-रोहड़ू मार्ग पर लंबाखाटल के पास लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की सरकारी जमीन पर किए अवैध निर्माण को ध्वस्त किया गया। पुलिस और लोक निर्माण विभाग की संयुक्त कार्रवाई में लाखों रुपये की पांच दुकानों को गिराया गया जबकि एक स्टोर को कब्जे में लिया गया।
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पुलिस के अनुसार यह मामला शाही महात्मा चिट्टा तस्करी गिरोह के सरगना से जुड़ा है। पुलिस थाना कोटखाई में एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामले की समीक्षा के दौरान सरकारी जमीन पर दुकानों और एक स्टोर के निर्माण की जानकारी सामने आई। इसके बाद नियमानुसार कार्रवाई करते हुए अवैध निर्माण को ध्वस्त किया गया। इससे पहले शिमला पुलिस ने 8 अक्तूबर को रोहड़ू क्षेत्र में नशा तस्करी से जुड़े एक आरोपी के अवैध रेस्तरां को भी बुलडोजर से ध्वस्त किया था। पुलिस के मुताबिक जिले में नशा तस्करों से जुड़ी अवैध संपत्तियों और निर्माणों के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई की जा रही है। पिछले आठ महीनों में दो नशा तस्करों से जुड़ी संपत्तियों पर कार्रवाई की गई है।
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नशा तस्करों की 940 संपत्तियों का किया सत्यापन
नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई तेज करते हुए शिमला पुलिस ने तस्करों की गिरफ्तारी और मादक पदार्थों की बरामदगी के साथ उनकी अवैध संपत्तियों की पहचान पर भी ध्यान केंद्रित किया है। नशा तस्करी से अर्जित संपत्तियों का पता लगाने के लिए पुलिस ने फरवरी से सत्यापन अभियान शुरू किया है। इसके तहत अब तक 940 संपत्तियों का सत्यापन किया जा चुका है। इनमें से 58 संभावित अवैध संपत्तियों को चिह्नित किया है। इन संपत्तियों का नशा तस्करी से संबंध और उनकी वैधता जांचने के लिए आगे की प्रक्रिया जारी है। पुलिस के अनुसार जांच और नियमानुसार प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित संपत्तियों के खिलाफ ध्वस्तीकरण या कब्जे में लेने जैसी कार्रवाई की जाएगी।