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Drone in Agriculture: जुलाई से सात जिलों में ड्रोन से हो सकेंगे खेतीबाड़ी, बागवानी के काम
Mon, 26 Jun 2023 10:40 AM IST
अरविन्द ठाकुर
राजीव नैय्यर, संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
राजीव नैय्यर, संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Mon, 26 Jun 2023 10:40 AM IST
सार
ड्रोन की सहायता से 15 मिनट में पांच बीघा भूमि पर दवाओं और खाद का छिड़काव किया जा सकेगा। इस काम को पंप से करने में 10-12 घंटे का समय लग जाता है। इससे समय की बचत के साथ खर्चा भी कम होगा।
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ड्रोन (फाइल फोटो)
- फोटो : संवाद
विस्तार
प्रदेश को जुलाई के मध्य तक 10 ड्रोन मिलेंगे। इनकी मदद से सात जिलों में कृषि-बागवानी के काम किए जाएंगे। ड्रोन का उपयोग खासकर बगीचों में दवाओं, खाद और कीटनाशकों का छिड़काव करने के लिए किया जाएगा। इफको ने तरल नैनो डीएपी खाद के बाद अब किसानों-बागवानों को राहत देने की दिशा में एक और पहल की है। सात जिलों में कांगड़ा, शिमला और ऊना को दो-दो, कुल्लू, सोलन और सिरमौर को एक-एक ड्रोन इफको की तरफ से उपलब्ध करवाए जाएंगे।
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इसके चलते किसान-बागवान कम लागत में अधिक पैदावार से मुनाफा कमा सकेंगे। प्रदेश के जिलों को इफको की ओर से दिए जाने वाले इन ड्रोन का संचालन समितियां करेंगी, जो इफको में पंजीकृत हैं। इन समितियों को ड्रोन 50,000 रुपये रिफंड (धन वापसी) शर्त के साथ उपलब्ध करवाया जाएगा। पांच साल के भीतर जो समिति शर्तों को पूरा करते हुए अपना लक्ष्य तय करेंगी। उसे यह सिक्योरिटी राशि वापस कर दी जाएगी।
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10-12 घंटे का काम 15 मिनट में
गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश में कृषि-बागवानी के कार्यों में भी ड्रोन की भूमिका लगातार बढ़ रही है। समय की मांग को देखते हुए अब किसान-बागवान भी ड्रोन की मदद से कृषि-बागवानी कार्य करेंगे। ड्रोन की सहायता से 15 मिनट में पांच बीघा भूमि पर दवाओं और खाद का छिड़काव किया जा सकेगा। इस काम को पंप से करने में 10-12 घंटे का समय लग जाता है। इससे समय की बचत के साथ खर्चा भी कम होगा।
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अब ड्रोन से खेतों और बगीचों में कीटनाशक और अन्य उत्पाद जैसे नैनो यूरिया तरल, डीएपी, सागरिका का छिड़काव किया जाएगा। इसके लिए इफको ने प्रदेश के सात जिलों के लिए 10 ड्रोन स्वीकृत किए गए हैं। इनका संचालन संबंधित जिला की समितियां करेंगी। समितियों को निर्देश दिए जाएंगे की बेरोजगार युवाओं को इसमें रोजगार सुनिश्चित करें। - रोहित गलोटिया, फील्ड अधिकारी, इफको