पासपोर्ट की तर्ज पर अब घर आएगा ड्राइविंग लाइसेंस, सरकारी दफ्तर के चक्कर काटने से मिलेगा छुटकारा
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हिमाचल में अब पासपोर्ट की तर्ज पर लोगों को घर बैठे ड्राइविंग लाइसेंस मिल सकेगा। परिवहन विभाग सारी प्रक्रिया को ऑनलाइन कर रहा है। जल्द ही शिमला और कांगड़ा जिला में पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा। सफलता मिलने के बाद इस व्यवस्था को पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा। विभाग के निदेशक कैप्टन जेएम पठानिया ने इसकी पुष्टि की है।
योजना के अनुसार आवेदक को परिवहन विभाग से लाइसेंस की फाइनल अप्रूवल मिल गई तो वह रसीद दिखाकर भी गाड़ी चला सकेगा। रसीद दिखाने पर पुलिस उसका चालान नहीं काट सकती। यह व्यवस्था 15 से 20 दिन तक रहेगी। इस समयावधि के भीतर आवेदक को लाइसेंस की हार्ड कॉपी उपलब्ध करा दी जाएगी। उल्लेखनीय है कि इस व्यवस्था से आवेदकों को एसडीएम और आरटीओ दफ्तरों के चक्कर काटने से छुटकारा मिलेगा।
बता दें कांगड़ा-शिमला जिलों में ऑनलाइन सेवाओं के पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के बाद अब हिमाचल के सभी जिलों में इसका दायरा बढ़ाया जाएगा। प्रदेशभर में ड्राइविंग और कंडक्टर लाइसेंस को लेकर ऑनलाइन सेवा ही लागू की जाएगी। परिवहन विभाग ने यह फैसला लिया है। आपको बता दें कि पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर विभाग ने कांगड़ा और शिमला में 27 जुलाई को ऑनलाइन सेवाओं का शुभारंभ किया था। दोनों जिलों में 19 दिनों में ही 14 हजार लोगों ने ड्राइवर, कंडक्टर लाइसेंस समेत आरसी से जुड़े कार्य की मंजूरी के लिए ऑनलाइन आवेदन किया है।
ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन
परिवहन विभाग की वेबसाइट पर ई-परिवहन व्यवस्था या सारथी पर जाकर लाइसेंस के लिए आवेदन किया जा सकेगा। इस पर ही ऑनलाइन फीस जमा होगी। मेडिकल और अन्य तरह के दस्तावेज भी ऑनलाइन ही अटैच किए जा सकते हैं।
इस प्रक्रिया के बाद परिवहन विभाग की ओर से आवेदक को ड्राइविंग टेस्ट की डेट दी जाएगी। तय तिथि पर ही आवेदक आरटीओ या एसडीएम कार्यालय टेस्ट देने आएंगे। इसके बाद आवेदक को टेस्ट में पास और फेल की जानकारी भी ऑनलाइन दी जाएगी। पास आवेदक को लाइसेंस भी ऑनलाइन उपलब्ध करा दिया जाएगा।