संगठन की मजबूती को बदलाव के लिए भी तैयार: बिंदल
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विधानसभा अध्यक्ष के बाद अब प्रदेश भाजपा की कमान संभालने जा रहे डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि उनका पहला काम संगठन को मजबूत करना है। इसके लिए संगठन में बदलाव को भी तैयार हैं। उन्होंने संकेत दिए कि जल्द ही संगठन की नई तस्वीर दिखेगी। अमर उजाला के वरिष्ठ संवाददाता प्रखर दीक्षित ने खास बातचीत में उन्होंने कहा कि संगठन और सरकार में बेहतर तालमेल स्थापित करेंगे। कहा कि सोलन से सिरमौर पहुंचना और वहां की चुनावी चुनौतियों से निपटते हुए लगातार जीतकर विधानसभा पहुंचने का अनुभव पार्टी के अध्यक्ष के तौर पर प्रबंधन करने में बहुत काम आएगा। बिंदल से सियासी मुद्दों पर हुई बातचीत के बातचीत के कुछ अंश:
विधानसभा अध्यक्ष से पार्टी अध्यक्ष का जिम्मा क्यों?
कुछ लोगों को लग सकता है कि विधानसभा अध्यक्ष के वीआईपी प्रोटोकॉल को छोड़कर संगठन में आना सही निर्णय न हो। लेकिन मैं 1968 से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ा हूं और संगठन के लिए विभिन्न पदों पर रहते ही काम कर चुका हूं। संगठन मेरे स्वभाव में है इसलिए कह सकता हूं कि मेरे लिए पार्टी अध्यक्ष का दायित्व सबसे प्रिय दायित्व है।
पद संभालते ही सबसे पहला काम क्या करेंगे
पद संभालने के बाद सबसे पहले संगठन की नई तस्वीर तय की जाएगी। इस काम को पार्टी के सभी वरिष्ठ नेताओं के साथ समन्वय स्थापित कर किया जाएगा। क्योंकि वर्तमान में दिल्ली चुनाव है, इसलिए अभी वक्त लग सकता है लेकिन पहला काम यही होगा। इसके बाद ग्रास रूट तक मौजूद कार्यकर्ताओं के साथ संवाद कर काम दिया जाएगा।
पार्टी के अंदर की गुटबाजी को कैसे रोकेंगे
पार्टी के अंदर किसी भी तरह की गुटबाजी नहीं है। भाजपा में बोलने की स्वतंत्रता है और लोग अपनी बात को रखते हैं। पार्टी का हर कार्यकर्ता सिर्फ काम करना चाहता है इसलिए उसे नियमित रूप से काम दिया जाएगा और पार्टी सभी के साथ मिलकर और विस्तार हासिल करेगी।
सरकार-संगठन में समन्वय पर उठते रहे हैं सवाल
संगठन और सरकार के बीच हमेशा बेहतरीन तालमेल रहता है। मुख्यमंत्री खुद पार्टी प्रदेश अध्यक्ष रहे हैं इसलिए वह इस बात को बेहतर समझते हैं। समय-समय पर समन्वय बैठक होती रहेंगी जिससे दोनों के विचार पार्टी और सरकार की छवि को बेहतर बनाने के लिए उपयोग में लाए जा सकेंगे।
सरकार निर्णय लेने में समय लेती है, क्या संगठन मदद करेगा
पार्टी से ही सरकार बनती है लेकिन यह सरकार बदलाव की सरकार है। विजिलेंस के जरिये बेवजह के मामले दर्ज कर परेशान करने की जयराम सरकार की नीति नहीं है। टोपी और बदले की राजनीति न करना हमारा निर्णय है। फिर भी सरकार ने पिछले दो साल में कई बड़े फैसले लिए हैं। महिला सुरक्षा व विभिन्न मुद्दों पर सख्त फैसले लेकर सरकार ने अपनी स्थिति भी साफ की है।
वरिष्ठ नेताओं की चुनौती के बीच संगठन को कैसे आगे बढ़ाएंगे
मेरे लिए पार्टी के सभी वरिष्ठ नेता एक एसेट हैं जो पार्टी के कामकाज को प्रभावी व बेहतर बनाने में सहयोग देते हैं। शांता हो या धूमल, या बाकी अन्य नेता, सभी के पास सालों का अनुभव है जो पार्टी को और आगे बढ़ाएगा।