फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Dr deepika sood expert advice locust attack deter by DJ music beating thalis

डीजे के शोर से भगाया जा सकता है टिड्डी दल: डॉ. दीपिका सूद

Thu, 11 Jun 2020 06:51 PM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला नेटवर्क, धर्मशाला
अमर उजाला नेटवर्क, धर्मशाला Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Thu, 11 Jun 2020 06:51 PM IST
विज्ञापन
Dr deepika sood expert advice locust attack deter by DJ music  beating thalis
डॉ. दीपिका सूद - फोटो : अमर उजाला

रेगिस्तानी टिड्डी दल किसानों का सबसे प्राचीन शत्रु है, जो हमेशा से ही फसल उत्पादन के लिए एक बड़ा खतरा रहा है। यह एक प्रवासी कीट है। इसमें सामूहिक रूप से सैकड़ों किलोमीटर तक उड़ने की क्षमता होती है। यह मध्यम से बड़े आकार के टिड्डे होते हैं, जब वे अकेले होते हैं और साधारण टिड्डों की तरह व्यवहार करते हैं, लेकिन झुंड में यह खेती को बहुत हानि पहुंचाते हैं।

विज्ञापन


यह एक अत्यधिक बहुभक्षी कीट है, जिससे नीम, ड्रेक, आक और धतूरा को छोड़कर सभी फसलों और पौधों को नुकसान होता है। टिड्डियों का झुंड दिन में उड़ता रहता है। शाम होने पर पेड़ों, झाड़ियों व फसलों इत्यादि में बसेरा करता है। वहां रात गुजारता है। फिर सुबह होने पर सूरज उगने के बाद उड़ना शुरू कर देते हैं। शिशु-टिड्डी झुंडों में चलती है। पीली अथवा नारंगी शरीर-पृष्टिका लिए हुए उनकी आकृति गहरी काली होती है। टिड्डी दल के वयस्क दो रंग के होते हैं गुलाबी और पीला।
विज्ञापन


अपरिपक्व वयस्क टिड्डी-दल गुलाबी रंग के होते हैं और धीरे-धीरे वे धुंधले सलेटी अथवा भूरापन लिए हुए लाल रंग के हो जाते हैं। परिपक्वता की स्थिति में पहुंचने पर पीले हो जाते हैं। पीले रंग की टिड्डी अंडे देने में सक्षम होती है। इसके लिए पीले रंग के टिड्डी दल के पड़ाव डालने पर पूरा ध्यान रखने की आवश्यकता है, क्योंकि पड़ाव डालने के बाद टिड्डियां किसी भी समय अंडे देने शुरू कर देती हैं। अंडे देते समय दल का पड़ाव उसी स्थान पर तीन-चार दिन तक रहता है। इस स्थिति का पूरा लाभ टिड्डी नियंत्रण करने में उठाना चाहिए। 
विज्ञापन
विज्ञापन


टिड्डियों को भगाने के अन्य उपाय
- खेत में थोड़ी-थोड़ी दूरी पर छोटी-छोटी कचरे की ढेरियां बनाकर रखें, ताकि टिड्डी आने पर इन्हें जलाकर धुआं किया जा सके।
-  टिड्डियों को भगाने के लिए परंपरागत उपायों में थाली बजाना व खेतों में धुआं करें। 
- टिड्डियों का दल आवाज के कंपन को महसूस करता है और अपना रास्ता बदल लेता है। आजकल इन्हें भगाने को डीजे का प्रयोग भी किया जाने लगा है।
- टिड्डियां खाली खेतों में अंडे देती हैं, जिन्हें नष्ट करने को खेतों में गहरी खुदाई की जानी चाहिए और उसमें पानी भर देना चाहिए।
- इसके अतिरिक्त लहसुन मिर्च के अर्क का उपयोग, अलसी के तेल व नीम के तेल का उपयोग भी इनकी रोकथाम के लिए किया जा सकता है।
- कुछ जैविक कीटनाशी जैसे मैटारहिजयम, वयूवेरया आदि का उपयोग भी टिड्डी दल को वयस्क होने से रोक पाने में सहयोग करता है।

डॉ. दीपिका सूद प्रदेश कृषि विवि में सेवाएं दे रही हैं। डॉ. दीपिका के पास खुंब उत्पादन पर 20 से अधिक वर्ष का अनुभव है। मई से अगस्त 2019 तक जापान में उन्होंने शीत के खुंब पर प्रशिक्षण हासिल किया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed