सरकार से बैठक बेनतीजा, जारी रहेगी डॉक्टरों की हड़ताल
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हिमाचल में चार दिन से चल रही डॉक्टरों की हड़ताल से मरीजों को अभी राहत मिलने वाली नहीं। बुधवार को राज्य सरकार और डॉक्टरों की बैठक बेनतीजा रही है। डॉक्टरों ने हड़ताल जारी रखने का फैसला लिया है। रोजाना सुबह 9:30 से 11:30 बजे तक डॉक्टर हड़ताल पर रहेंगे।
24 अगस्त से डॉक्टरों ने सामूहिक अवकाश पर जाने का ऐलान किया है, जिससे मरीजों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। वीरवार सुबह से शाम तक स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह, चिकित्सक संघ और अफसरों की बैठकें होती रहीं। डॉक्टर मांगों की अधिसूचना जारी करने पर अड़े रहे तो सरकार आश्वासन तक सीमित रही। देर शाम डॉक्टरों ने हड़ताल वापस नहीं लेने का फैसला लिया।
इसलिए हड़ताल में डटे हैं डॉक्टर
हिमाचल चिकित्सा अधिकारी संघ के महासचिव डॉ. जीवानंद चौहान ने कहा कि सरकार ने 4-9-14 स्केल की अधिसूचना हड़ताल समाप्त करने के बाद जारी करने की बात कही। उन्होंने कहा कि सरकार पहले अधिसूचना जारी करे, उसके बाद ही हड़ताल खत्म की जाएगी।
वहीं, अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य पीसी धीमान ने बताया कि बैठक में सभी मसलों पर सहमति बन गई थी। बाद में संघ के पदाधिकारियों ने दोबारा उनसे मुलाकात की। बताया कि कुछ डॉक्टर हड़ताल खत्म करने को तैयार नहीं हैं। ऐसे में अब आने वाले दिनों में प्रदेश के लोगों को और परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
सरकारी अस्पतालों में पटरी से उतरी व्यवस्था
प्रदेश में डॉक्टरों की पेन डाउन स्ट्राइक से मरीज बेहाल हो गए हैं। इलाज के लिए सरकारी अस्पताल पहुंच रहे मरीजों को इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। सरकारी अस्पतालों में चिकित्सक न मिलने पर निजी अस्पताल चांदी कूट रहे हैं। ओपीडी के बाहर रोगियों की भीड़ लग रही है। घंटों इंतजार के बाद उन्हें बैरंग लौटना पड़ रहा है।
हालांकि, डॉक्टर इमरजेंसी में सेवाएं दे रहे हैं, जबकि दो घंटे ओपीडी और अन्य सेवाएं पूर्ण रूप से बंद रखी जा रही हैं। मांगों को लेकर चिकित्सकों की हड़ताल वीरवार को चौथे दिन में प्रवेश कर गई है। कांगड़ा जिले में क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला और टीएमसी सहित 140 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, 84 पीएचसी, आठ सिविल अस्पतालों में डॉक्टर हड़ताल पर रहे।
इन अस्पतालों में हालत खराब
जोनल अस्पताल मंडी में भी डॉक्टर स्ट्राइक पर रहे। दूरदराज क्षेत्रों से रेफर किए रोगियों को घंटों इलाज के लिए इंतजार करना पड़ा। क्षेत्रीय अस्पताल चंबा समेत जिले भर में हड़ताल का व्यापक असर रहा। हड़ताल की वजह से अस्पताल की इमरजेंसी सेवाएं भी चरमरा गईं। मेडिकल ऑफिसर्स एसोसिएशन के महासचिव विशाल ठाकुर ने बताया कि हड़ताल 24 अगस्त तक जारी रहेगी।
कुल्लू और केलांग अस्पताल में भी सुबह 9.30 से 11.30 बजे तक चिकित्सक हड़ताल पर रहे। बिलासपुर जिले के सभी अस्पतालों में मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सिरमौर जिले में क्षेत्रीय अस्पताल नाहन, सिविल अस्पताल पांवटा, ददाहू एवं सराहां के अलावा पीएचसी संगड़ाह एवं शिलाई में सुबह से अस्पतालों में मरीजों की भीड़ रही।
किन्नौर जिले के रिकांगपिओ, भावानगर, सांगला, आनी और रामपुर, ज्यूरी अस्पताल में भी सुबह साढ़े 9 से साढ़े 11 बजे तक डॉक्टरों ने रोगियों की जांच नहीं की। क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में भी मरीज परेशान रहे। क्षेत्रीय अस्पताल हमीरपुर में चिकित्सकों ने दो घंटे की हड़ताल कर विरोध दर्ज करवाया। कई मरीजों ने प्राइवेट क्लीनिकों का रुख कर लिया। बद्दी, सोलन, चायल, कंडाघाट और अर्की के अस्पतालों में रोगियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।